कांग्रेस ने MP में अपनी मीडिया टीम को नए सिरे से मजबूती देने की शुरुआत कर दी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को अपने 44 प्रवक्ताओं को ज़िला मीडिया प्रभारी का दायित्व सौंपा है। अब ये प्रवक्ता अपने-अपने जिलों में पार्टी की बात जनता तक पहुंचाने और मीडिया से तालमेल बनाए रखने का काम करेंगे।
इसको लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव और कम्युनिकेशन प्रमुख अभय तिवारी ने आदेश जारी किया है। उन्होंने बताया कि ये नियुक्तियां प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश और मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक की सहमति से की गई हैं।
टीमों का मकसद
अब हर ज़िले में कांग्रेस की एक संगठित मीडिया टीम बनेगी, जो सीधे ज़िला प्रभारी की देखरेख में काम करेगी। इन टीमों का मकसद कांग्रेस की नीतियों, जनहित से जुड़ी बातों और पार्टी कार्यक्रमों को जनता तक ज़्यादा प्रभावी ढंग से पहुंचाना होगा। साथ ही, मीडिया के जरिए संगठन की गतिविधियों को तेज़ी से फैलाना भी इनका दायित्व रहेगा। प्रदेश कांग्रेस का कहना है कि इस कदम से पार्टी की संगठनात्मक क्षमता और संचार तंत्र दोनों को मज़बूती मिलेगी। पार्टी चाहती है कि आने वाले महीनों में ज़मीनी स्तर पर मीडिया मैनेजमेंट और बेहतर हो, ताकि कांग्रेस की आवाज़ हर जिले, हर गांव तक पहुंचे।
दिया जाएगा प्रशिक्षण
सूत्रों के मुताबिक, इन नए ज़िला मीडिया प्रभारियों को जल्द ही प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें मीडिया प्रबंधन, जनसंपर्क और सोशल मीडिया संचालन पर खास ध्यान रहेगा। पार्टी चाहती है कि हर प्रवक्ता न सिर्फ टीवी डिबेट या प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित रहे, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी पार्टी की बात दमदार तरीके से रखे। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बीजेपी की तरह कांग्रेस भी अब जिलों में अपनी मीडिया स्ट्रक्चर को मजबूत करना चाहती है। हर जिले में अब कांग्रेस की एक समर्पित मीडिया टीम होगी, जो वहां की स्थानीय मीडिया से लगातार संपर्क में रहेगी और पार्टी के संदेशों को सही रूप में जनता के बीच पहुंचाएगी।
कांग्रेस का इरादा साफ
प्रदेश कम्युनिकेशन विभाग को भरोसा है कि ये प्रवक्ता अपने नए रोल में पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे। कमेटी ने स्पष्ट कहा है कि जिला मीडिया प्रभारी अपनी टीम के साथ मिलकर स्थानीय मुद्दों पर पार्टी का पक्ष मज़बूती से रखेंगे और गलत सूचनाओं का तुरंत जवाब देंगे। इस नई जिम्मेदारी के साथ कांग्रेस का इरादा साफ है कि आने वाले चुनावी दौर में न सिर्फ जनता के बीच अपनी बात मजबूती से रखना, बल्कि मीडिया के हर मंच पर पार्टी की मौजूदगी को भी बढ़ाना। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ नियुक्ति नहीं, बल्कि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है।
