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भोपाल का बीएमएचआरसी अब मेडिकल एजुकेशन का नया केंद्र, पैथोलॉजी और ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन में एमडी कोर्स शुरू

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Published On: 18 October 2025

राजधानी भोपाल का मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) अब मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम आगे बढ़ा रहा है। नेशनल मेडिकल काउंसिल (NMC) ने अस्पताल के पैथोलॉजी और इम्यूनो-हीमेटोलॉजी एवं ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग में एमडी कोर्स शुरू करने की अनुमति दे दी है। इन दोनों विभागों में दो-दो सीटें अलॉट की गई हैं।

बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने बताया कि नए कोर्स शुरू होने से अस्पताल की शैक्षणिक और अनुसंधान क्षमता में बड़ा सुधार होगा। पैथोलॉजी विभाग जहां रोगों के निदान की रीढ़ की तरह काम करता है, वहीं ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन ब्लड से जुड़ी सेवाओं की सुरक्षा और सटीकता सुनिश्चित करता है। इन दोनों विभागों में छात्र आने से न केवल रिसर्च में तेजी आएगी बल्कि क्लीनिकल सर्विसेज की गुणवत्ता भी बढ़ेगी।

सुपर-स्पेशियलिटी कोर्स

इससे पहले बीएमएचआरसी में आठ विभागों में पीजी और सुपर-स्पेशियलिटी कोर्स चल रहे थे। इनमें एनेस्थीशियोलॉजी, ऑप्थैल्मोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, साइकेट्री में एमडी/एमएस कोर्स और कार्डियोलॉजी, सीटीवीएस, न्यूरोसर्जरी, यूरोलॉजी में डीएम/एमसीएच कोर्स शामिल हैं। पैथोलॉजी और ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन के जुड़ने के बाद अस्पताल अब कुल दस विभागों में एडवांस ट्रेनिंग प्रदान करेगा।

बीएमएचआरसी में सुपर-स्पेशियलिटी और पीजी सीटों की स्थिति इस प्रकार है: एनेस्थीशियोलॉजी एमडी में 4 सीटें, माइक्रोबायोलॉजी और मनोचिकित्सा में 2-2 सीटें, नेत्र रोग एमएस में 2 सीटें, कार्डियोलॉजी डीएम और सीटीवीएस एमसीएच में 3-3 सीटें, न्यूरोसर्जरी और यूरोलॉजी एमसीएच में 2-2 सीटें, वहीं नए कोर्स पैथोलॉजी और इम्यूनो-हीमेटोलॉजी एवं ब्लड ट्रांसफ्यूजन में 2-2 सीटें हैं।

सेवाओं की क्षमता

डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि बीएमएचआरसी में हर साल हजारों गंभीर मरीज इलाज के लिए आते हैं। नए कोर्स से डायग्नोस्टिक सेवाओं की क्षमता बढ़ेगी, इलाज की सटीकता बेहतर होगी और अन्य मेडिकल संस्थानों के लिए प्रशिक्षित विशेषज्ञ तैयार होंगे।

बीएमएचआरसी खास इसलिए भी है क्योंकि यह भोपाल गैस पीड़ितों के इलाज के लिए देश का पहला विशेष अस्पताल है। यहां कार्डियक, न्यूरो और रीनल ट्रांसप्लांट जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। फिलहाल 35 से अधिक पीजी और सुपर-स्पेशियलिटी विद्यार्थी प्रशिक्षणरत हैं। भविष्य में पल्मोनरी मेडिसिन सहित अन्य विभागों में भी नए कोर्स शुरू करने की योजना है।

इस कदम से न केवल डॉक्टरों को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा, बल्कि मरीजों को भी इलाज की उच्च गुणवत्ता और तेज सेवा का फायदा मिलेगा, जिससे बीएमएचआरसी मेडिकल एजुकेशन और हेल्थकेयर दोनों में राजधानी का महत्वपूर्ण केंद्र बन जाएगा।

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