अफगानिस्तान में शुक्रवार का दिन खेल प्रेमियों के लिए किसी बुरे सपना जैसा रहा। देश के तीन घरेलू क्रिकेट खिलाड़ी पाकिस्तान की ओर से किए गए एक हमले में मारे गए। ये हमला अफगानिस्तान के पाकटिका प्रांत के उरुगन इलाके में हुआ। हादसे के वक्त ये तीनों खिलाड़ी एक दोस्ताना मैच के बाद वहीं मौजूद थे।
जैसे ही ये खबर फैली, पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। क्रिकेट बोर्ड से लेकर खिलाड़ी और आम लोग — सब सदमे में हैं। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने साफ कहा कि ये हमला न सिर्फ हमारे खिलाड़ियों पर था, बल्कि ये पूरे देश के खेल और आत्मसम्मान पर हमला था। उन्होंने इस दुखद मौके पर अगले महीने होने वाली पाकिस्तान-श्रीलंका-ट्राई सीरीज से नाम वापस ले लिया है।
खिलाड़ियों ने जताया दुख
टीम के सीनियर ऑलराउंडर गुलबदीन नैब ने सोशल मीडिया पर लिखा, “हमारे लोग और साथी क्रिकेटर शहीद हो गए। पाकिस्तानी फौज का ये हमला बहुत ही कायराना है। लेकिन हम अफगानी हैं, हमारी हिम्मत टूटने वाली नहीं।”
We are deeply saddened by the cowardly military attack in Argun, Paktika, that martyred innocent civilians and fellow cricketers. This brutal act by the Pakistani army is an assault on our people, pride, and independence.but it will never break the Afghan spirit.
— Gulbadin Naib (@GbNaib) October 17, 2025
वहीं तेज़ गेंदबाज फजलहक फारुकी का ग़ुस्सा और ग़म दोनों साफ दिखा। उन्होंने कहा, “जो हुआ वो एक कत्ल है, मासूमों का और हमारे भाइयों का। अल्लाह उन्हें जन्नत दे और जालिमों को उनकी करनी की सजा।”
انالله واناالیه راجعون
د ظالمانو لخوا د ملکي وګړو او زموږ د کورني کرکټ لوبغاړو شهیدانېدل یو ستر نه بښونکی جنایت دی، شهیدانو ته دې لوی خدای جنت فردوس نصیب کړي او ظالمان دې خدای ج ذلیل او په خپل قهر ګرفتار کړي.
د لوبغاړو او ملکي وګړو شهیدانول افتخار نه بلکه د بیغرتۍ آخري
حد دی!…— fazalhaq farooqi (@fazalfarooqi10) October 17, 2025
टीम के अनुभवी खिलाड़ी मोहम्मद नबी ने इस हादसे को दिल तोड़ देने वाला बताया। उन्होंने लिखा, “एक दोस्ताना मैच के बाद साथियों की मौत की खबर आई। ये सिर्फ एक हादसा नहीं, एक जख्म है पूरे अफगान क्रिकेट परिवार के लिए।”
लोगों में आक्रोश
सोशल मीडिया पर लोगों ने इस हमले के खिलाफ जमकर गुस्सा निकाला है। बहुत से लोग इस घटना को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आवाज उठाने की मांग कर रहे हैं। एक देश जो लगातार संघर्षों से उबरकर क्रिकेट में नाम कमा रहा था, उसके तीन होनहार खिलाड़ियों की ऐसे जाना बेहद दर्दनाक है। अब सवाल ये है कि क्या सिर्फ निंदा करने से बात खत्म हो जाएगी, या इस पर कोई ठोस कदम भी उठेगा? फिलहाल तो अफगानिस्तान क्रिकेट में मातम पसरा हुआ है और हर दिल यही कह रहा है, “ये सिर्फ खिलाड़ी नहीं थे, ये हमारे सपने थे।”
