भोपाल में मुस्लिम समाज के बीच बढ़ती दहेज की समस्या को लेकर मध्य प्रदेश मुस्लिम विकास परिषद ने एक सराहनीय कदम उठाया है। परिषद के प्रोग्राम कन्वेनर सैयद अशरफ अली (एडवोकेट) और कोऑर्डिनेटर शावेज सिकंदर ने बताया कि आज के समय में दहेज की प्रवृत्ति ने समाज में असमानता और तनाव बढ़ाया है। जबकि इस्लाम में निकाह को एक आसान, पवित्र और बरकत वाला अमल बताया गया है, जिसका दहेज जैसी गैर-इस्लामी रस्मों से कोई लेना-देना नहीं है।
22 अक्टूबर को होगा निकाह परिचय सम्मेलन
इसी सोच को आगे बढ़ाने के लिए परिषद ने एक अनोखी पहल की है। 22 अक्टूबर (बुधवार) को हमीद मंज़िल, भोपाल में सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक “निकाह परिचय सम्मेलन” आयोजित किया जाएगा। यह सम्मेलन उन लोगों के लिए है जो बिना दहेज और गैर-इस्लामी दिखावे से दूर, हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सुन्नत के अनुसार सादगी से निकाह करना चाहते हैं।
आयोजकों के मुताबिक अब तक 400 से ज्यादा युवक-युवतियों और उनके परिजनों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। समाज में इस कार्यक्रम को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है।
सादगीपूर्ण विवाह की ओर प्रेरणा
परिषद के सदस्य सैयद फैज अली ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य इस्लामिक सिद्धांतों के अनुसार सादगीपूर्ण विवाह को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इस्लाम में निकाह को बरकत और रहमत वाला अमल माना गया है, जिसमें जिम्मेदारी लड़के वालों की होती है, लेकिन आजकल समाज में इसका उल्टा चल रहा है। सैयद फैज अली का कहना है, “दहेज ने समाज में बहुत नुकसान किया है। लड़कियों के परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है, जबकि यह इस्लाम की शिक्षा के खिलाफ है। अब वक्त आ गया है कि समाज इस बुराई को खत्म करे और सादगी से निकाह करने वालों की मिसाल पेश करे।”
