जबलपुर के गौरीघाट क्षेत्र में “MILK IS NOT VEGETARIAN, दूध शाकाहार नहीं है” लिखे पोस्टर लगाए जाने का मामला पुलिस के हाथ लग गया। ये पोस्टर शनिवार देर रात 1 से 2 बजे के बीच लगाए जा रहे थे। मौके पर पहुंचे सीएसपी महादेव नगोतिया और थाना प्रभारी सुभाषचंद्र बघेल ने देखा कि तीन युवक सड़क किनारे पोस्टर चिपका रहे हैं और एक छोटा हाथी वाहन पोस्टरों से भरा हुआ था।
अनुमति नहीं
युवकों से नगर निगम की अनुमति मांगी गई, लेकिन वे कोई दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। इसके बाद पुलिस ने तीनों को हिरासत में लिया और पोस्टर व वाहन जब्त कर लिए। पूछताछ में एक युवक ने अपना नाम राजेश अहिरवार बताया, जो भोपाल के कोलार क्षेत्र का रहने वाला है। उसने बताया कि यह काम विपुल पांडे नामक व्यक्ति ने दिया था, जो भोपाल की प्रिंस इंटरप्राइजेस कंपनी का मालिक है।
पहले भी लगाया जा चुका है पोस्टर
युवकों ने बताया कि इससे पहले भी उन्होंने फ्लाईओवर ब्रिज के उद्घाटन के समय ऐसे पोस्टर लगाए थे। इस बार पुलिस ने उनके पास से 50 से अधिक पोस्टर जब्त किए। पोस्टरों में भारत को बीफ के बड़े निर्यातक के रूप में दर्शाया गया और यूट्यूब चैनल “मां का दूध” का लिंक दिया गया। पोस्टरों पर प्रकाशक या कंपनी का नाम नहीं होने से उनकी प्रामाणिकता पर सवाल उठ रहे हैं।
दीपोत्सव से पहले तनाव बढ़ा
सीएसपी महादेव नगोतिया ने बताया कि गौरीघाट में रविवार शाम को दीपोत्सव 2025 का आयोजन है, जिसमें हजारों लोग जुटेंगे। इसी रूट पर मंत्रीगण और अन्य जनप्रतिनिधियों के स्वागत मंच लगाए जा रहे हैं। ऐसे विवादित पोस्टर लगाए जाने से माहौल बिगड़ने और जनता में भ्रम फैलने का खतरा था।
पुलिस कर रही जांच
पुलिस ने गाड़ी, पोस्टर और तीनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी ठेके पर पोस्टर लगाने का काम करते हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में लगी है कि दीपावली जैसे पवित्र पर्व के मौके पर इस तरह के भ्रामक पोस्टर लगाने का मकसद क्या था।
