मंगलवार को जबलपुर छठी बटालियन ग्राउंड में 66वां पुलिस स्मृति दिवस मनाया गया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारी और कर्मचारी देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को याद कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में जबलपुर रेंज के आईजी प्रमोद वर्मा, डीआईजी अतुल सिंह, एसपी संपत उपाध्याय सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि प्रमोद वर्मा ने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर वीर शहीदों को नमन किया। उन्होंने वर्ष 2024-25 में शहीद हुए 191 जवानों के नामों का वाचन किया और कहा कि यह दिन सभी के लिए अपने कर्तव्य पथ पर बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने का है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शहीदों की शहादत हमें हमेशा देशभक्ति और कर्तव्यपरायणता की सीख देती है।
शोक परेड और श्रद्धांजलि
इस वर्ष की परेड में 6 प्लाटूनों ने हिस्सा लिया। इनमें विशेष सशस्त्र बल के 4 प्लाटून, जिला पुलिस बल का 1 प्लाटून और 1 होमगार्ड प्लाटून शामिल थे। शोक परेड के दौरान वर्ष 2024-25 में शहीद हुए मध्यप्रदेश पुलिस के 11 जवानों के साथ-साथ पूरे देश के कुल 191 शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सभी उपस्थित लोगों ने शहीदों की स्मृति को नमन किया और देश की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
शहीदों की सूची
इस मौके पर श्रद्धांजलि पाने वाले पुलिसकर्मियों में इंस्पेक्टर संजय पाठक, इंस्पेक्टर रमेश कुमार धुर्वे, एएसआई रामचरण गौतम, एएसआई महेश कुमार कोरी, प्रधान आरक्षक संतोष कुशवाहा, प्रधान आरक्षक प्रिंस गर्ग, प्रधान आरक्षक अभिषेक शिंदे, प्रधान आरक्षक गोविंद पटेल, आरक्षक अनुज सिंह, आरक्षक सुंदर सिंह बघेल और आरक्षक अनिल यादव शामिल हैं। आईजी प्रमोद वर्मा ने उनके परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना भी दी।
ऐसे हुई शुरुआत
पुलिस स्मृति दिवस की शुरुआत 21 अक्टूबर 1959 को हुई थी। यह दिन लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले में 10 वीर जवानों की शहादत की याद में मनाया गया। तब से यह दिन पूरे देश में राज्य पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बल और अर्धसैनिक बलों द्वारा संयुक्त रूप से मनाया जाता है।
