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IIT इंदौर ने बनाया रंग बदलने वाला सुपरकैपेसिटर, ऊर्जा भंडारण में नई क्रांति

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Published On: 23 October 2025

IIT इंदौर के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा कलर-चेंजिंग सुपरकैपेसिटर तैयार किया है जो ऊर्जा स्टोर करने के साथ-साथ चार्जिंग की स्थिति को रंगों के माध्यम से दिखाता है। प्रोफेसर राजेश कुमार के नेतृत्व में फिजिक्स विभाग की MAD लैब में विकसित यह डिवाइस पूरी तरह चार्ज होने पर लाल, आधा चार्ज होने पर हरा और पूरी तरह डिस्चार्ज होने पर नीला रंग दिखाता है।
इसका मतलब है कि अब अलग-अलग मॉनिटरिंग सर्किट की जरूरत नहीं, उपयोगकर्ता सीधे डिवाइस की ऊर्जा स्थिति देख सकते हैं।

हुआ रंग परिवर्तन

रंग बदलने की क्षमता विशेष वैनेडियम ऑक्साइड कॉम्प्लेक्स के इलेक्ट्रोक्रोमिक गुणों की वजह से है। चार्जिंग और डिस्चार्जिंग के दौरान यह अपने ऑप्टिकल गुण बदलता है। साथ ही, यह इंफ्रारेड हीट को रोकने में भी सक्षम है, जिससे डिवाइस गर्मी से बचा रहता है। प्रोटोटाइप ने लाल रंग पर 70% और नीले रंग पर 50% ऑप्टिकल मॉड्यूलेशन हासिल की है, जो इसे अत्यधिक प्रभावी बनाता है।

डिवाइस ठोस और फ्लेक्सिबल दोनों रूप में काम करता है। इसका मतलब यह है कि इसे मोड़ने या घुमाने से प्रदर्शन प्रभावित नहीं होता। 25 cm² आकार के बड़े प्रोटोटाइप के साथ शोधकर्ताओं ने सफल परीक्षण किया है।

औद्योगिक और वैश्विक संभावनाएं

प्रोफेसर राजेश कुमार ने बताया कि यह तकनीक इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, इलेक्ट्रिक वाहनों और स्मार्ट बिल्डिंग्स में बहुत उपयोगी होगी। छोटी हीटिंग को नियंत्रित करके कूलिंग खर्च कम करना और रियल-टाइम फीडबैक देना इसे और भी आकर्षक बनाता है। वैश्विक ऑटोमोटिव सुपरकैपेसिटर बाजार 2023 में लगभग 1.3 बिलियन डॉलर था, जो 2032 तक 7.5 बिलियन डॉलर तक बढ़ने का अनुमान है।

TRF योजना

शोध टीम में आधे से अधिक सदस्य महिलाएं हैं, जिनमें भूमिका साहू, डॉ. तनुश्री घोष, निकिता, डॉ. सुचिता कंडपाल शामिल हैं। प्रमुख शोधकर्ता डॉ. लव बंसल TRF योजना के तहत रिसर्च कर रहे हैं, जो प्रयोगशाला शोध और औद्योगिक उपयोग के बीच सेतु का काम करती है। IIT इंदौर के डायरेक्टर सुहास जोशी ने इस योजना की सराहना की।

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