देश के 12 राज्यों में आज से वोटर लिस्ट अपडेट करने का काम शुरू हो गया है। इनमें MP भी शामिल है। चुनाव आयोग ने इस पूरी प्रक्रिया को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) नाम दिया है। करीब 103 दिन तक चलने वाली यह कवायद 7 फरवरी 2026 को खत्म होगी। उसी दिन नई और फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी। हालांकि, वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने या हटाने की सामान्य प्रक्रिया बाद में भी जारी रहेगी, लेकिन इस बार का मकसद पूरे रिकॉर्ड को एक बार फिर से पूरी तरह अपडेट करना है। SIR का असली उद्देश्य वोटर लिस्ट को साफ-सुथरा बनाना है। इसमें फर्जी वोटरों के नाम हटाना, मृत लोगों के नाम डिलीट करना और छूटे हुए नाम जोड़ना शामिल है। इसके लिए हर बूथ पर एक बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) तैनात किया गया है, जो घर-घर जाकर नामों का सत्यापन करेगा।
यह काम 4 नवंबर से 4 दिसंबर के बीच चलेगा। बीएलओ आपके घर आएगा और एक विशेष फॉर्म (इन्यूमरेशन फॉर्म) देगा जिसमें आपकी पुरानी डिटेल पहले से भरी होगी। आपको बस यह देखना होगा कि जानकारी सही है या नहीं।
घर पर नहीं हैं तो चिंता नहीं
अगर बीएलओ के आने पर आप घर पर नहीं हैं, तो परिवार का कोई सदस्य आपका सत्यापन करवा सकता है। अगर घर पर कोई नहीं मिला तो बीएलओ दोबारा भी आएगा। चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि बीएलओ एक घर में तीन बार तक विजिट कर सकता है। अगर इसके बाद भी सत्यापन नहीं हुआ तो 9 दिसंबर को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने पर नाम जोड़ा जा सकेगा।
डुप्लीकेट नाम वालों पर सख्ती
कई लोगों का नाम दो जगह की वोटर लिस्ट में होता है। अब ऐसे लोगों को खुद तय करना होगा कि वे किस विधानसभा की लिस्ट में रहना चाहते हैं। एक जगह से नाम कटवाना जरूरी होगा। झूठी जानकारी देने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 31 के तहत एक साल की जेल या जुर्माना भी हो सकता है। अगर किसी घर में नई बहू आई है या किसी का 18 साल पूरा हुआ है, तो वे भी इस प्रक्रिया में अपना नाम जुड़वा सकते हैं। इसके लिए फॉर्म 6 या फॉर्म 8 भरना होगा और जरूरी दस्तावेज देने होंगे।
ऑनलाइन भी होगा काम
अब वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन सिर्फ ऑफलाइन नहीं रहेगा। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन लिंकिंग की सुविधा भी दी गई है, जिससे मतदाता घर बैठे अपनी जानकारी अपडेट कर सकेगा।
