MP के 70वें स्थापना दिवस पर इस बार आसमान से नई शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 1 नवंबर को राजा भोज एयरपोर्ट, भोपाल से “पीएम श्री हवाई पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा” की शुरुआत करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू, केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री के झंडी दिखाते ही तीनों हेलीकॉप्टर उज्जैन की ओर उड़ान भरेंगे। इस सेवा का नियमित संचालन 20 नवंबर 2025 से शुरू होगा।
पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने बताया कि यह सेवा राज्य के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों को जोड़ने के लिए शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा, “लोक-निजी भागीदारी (PPP) के तहत शुरू हो रही यह योजना न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि प्रदेश में रोजगार के नए मौके भी खोलेगी।”
देश का पहला राज्य बना MP
पर्यटन विभाग के अपर मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने इंट्रा स्टेट (राज्य के भीतर) हवाई कनेक्टिविटी शुरू की है। उन्होंने कहा कि “यह कदम प्रदेश के धार्मिक, वन्यजीव और प्राकृतिक स्थलों को जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।” शुक्ला के मुताबिक, इस पहल से राज्य में एडवेंचर, हेरिटेज और स्पिरिचुअल टूरिज्म को नई पहचान मिलेगी और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को यात्रा का अनोखा अनुभव मिलेगा।
मध्यप्रदेश का 70वां स्थापना दिवस होगा खास
🚁1 नवंबर को #पीएमश्री_पर्यटन_हेली_सेवा की मिलेगी सौगात
🚁#भोपाल से #उज्जैन के लिए हेलीकॉप्टर भरेगा उड़ान@DrMohanYadav51 #MPFoundationDay #JansamparkMP pic.twitter.com/pr95EDLZQa— Department of Tourism, MP (@tourismdeptmp) October 30, 2025
तीन सेक्टरों में शुरू होगा संचालन
- सेक्टर 1: इंदौर – उज्जैन – ओंकारेश्वर
- सेक्टर 2: भोपाल – मढ़ई – पचमढ़ी
- सेक्टर 3: जबलपुर – बांधवगढ़ – कान्हा
प्रत्येक सेक्टर में सप्ताह में पांच दिन हेलीकॉप्टर उड़ान भरेंगे। पहले चरण में ट्रांस भारत एविएशन और जेट सर्व एविएशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों को संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। हर हेलीकॉप्टर में कम से कम छह यात्रियों की सीटें होंगी। पर्यटन बोर्ड के अफसरों का कहना है कि इस पहल से पर्यटकों को न सिर्फ तेज सफर मिलेगा, बल्कि ऊपर से मध्यप्रदेश की खूबसूरती को देखने का अलग अनुभव भी होगा। अब पचमढ़ी की हरियाली, ओंकारेश्वर के घाट, और बांधवगढ़ के जंगल सब एक क्लिक की दूरी पर होंगे।
