खजुराहो एयरपोर्ट पर नगर परिषद की बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। करीब 20 साल से बकाया पड़े 45 लाख रुपए के संपत्तिकर को लेकर आखिरकार परिषद ने सख्ती दिखा दी है। परिषद के मुख्य नगर अधिकारी (सीएमओ) ने एयरपोर्ट निदेशक और विशेष कार्याधिकारी को नोटिस जारी करते हुए साफ कहा है कि तय समय में टैक्स जमा नहीं किया गया तो चल संपत्ति की कुर्की की जाएगी।
नगर परिषद की ओर से पहले ही एयरपोर्ट प्रबंधन को 15 दिन की मोहलत दी गई थी ताकि वे बकाया टैक्स जमा कर दें। लेकिन तय अवधि बीत जाने के बाद भी रकम नहीं आई। ऐसे में सीएमओ ने अब अंतिम चेतावनी के बाद कुर्की का आदेश जारी कर दिया है।
संयुक्त टीम करेगी संपत्ति की कुर्की
सीएमओ ने राजनगर एसडीएम और पुलिस विभाग को पत्र लिखकर कहा है कि वे कुर्की की कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। राजनगर एसडीएम प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि अब एक संयुक्त टीम गठित की गई है, जिसमें राजस्व विभाग, पुलिस और नगर परिषद के अधिकारी शामिल रहेंगे। यह टीम एक सप्ताह के भीतर एयरपोर्ट की संपत्ति को कुर्क करेगी और उसके बाद बकाया राशि की वसूली के लिए संपत्ति को विक्रय किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, कुर्की के बाद संपत्ति की नीलामी से जो रकम मिलेगी, उससे टैक्स की बकाया राशि चुकाई जाएगी।
20 साल से लटका मामला
जानकारी के मुताबिक, खजुराहो एयरपोर्ट का संपत्तिकर पिछले दो दशकों से अटका हुआ है। इस दौरान कई बार नोटिस दिए गए, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। नगर परिषद का कहना है कि सरकारी या गैर-सरकारी कोई भी संस्था अगर टैक्स जमा नहीं करती, तो कार्रवाई तय है। खजुराहो जैसे पर्यटन स्थल पर स्थित एयरपोर्ट से परिषद को उम्मीद थी कि टैक्स की वसूली समय पर होगी, लेकिन अब मामला इतने वर्षों बाद इस स्थिति तक पहुंचा है कि कुर्की ही एकमात्र रास्ता बचा है।
लोगों में चर्चा
नगर के लोगों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोग मानते हैं कि इतने बड़े संस्थान पर कार्रवाई से बाकी बकायेदारों को भी सबक मिलेगा। वहीं प्रशासनिक हलकों में भी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर खजुराहो एयरपोर्ट की संपत्ति कुर्क होने पर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।
