भोपाल के बीएसएसएस कॉलेज में शुक्रवार को ‘हेलोवीन सेलिब्रेशन’ का आयोजन किया गया, लेकिन यह जश्न कुछ ही देर में विवाद में बदल गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज पहुंचकर इस कार्यक्रम का जोरदार विरोध किया। उनका कहना था कि यह आयोजन भारतीय संस्कृति और परंपरा के खिलाफ है।
अभाविप के सदस्यों का कहना था कि कॉलेज में छात्र-छात्राएं भूत, राक्षस और प्रेत जैसी वेशभूषा पहनकर नाच-गाना कर रहे थे। परिषद के कार्यकर्ताओं ने इसे “असंस्कारी और पाश्चात्य संस्कृति की नकल” बताते हुए कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि शिक्षा संस्थानों में ऐसे आयोजन युवाओं में गलत संदेश देते हैं और पढ़ाई के माहौल को भी बिगाड़ते हैं। अभाविप भेल भाग संयोजक प्रतीक द्विवेदी ने कहा, “बीएसएसएस कॉलेज में आज हेलोवीन डे मनाया जा रहा था। बच्चे भूत बनकर घूम रहे थे, डांस कर रहे थे। ये सब हमारी भारतीय संस्कृति के खिलाफ है। कॉलेज को शिक्षा का मंदिर कहा जाता है, न कि ऐसे विदेशी रीति-रिवाजों का मंच।” उन्होंने कहा कि परिषद ने शांतिपूर्ण विरोध किया और कॉलेज प्रशासन से इस तरह के आयोजनों पर रोक लगाने की मांग की।
कार्यक्रम रद्द
विवाद बढ़ने के बाद कॉलेज प्रशासन हरकत में आया। उन्होंने अभाविप पदाधिकारियों से चर्चा की और उनकी आपत्तियों को गंभीरता से लेते हुए कार्यक्रम को बीच में ही रद्द कर दिया। कॉलेज प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि भविष्य में किसी भी विदेशी संस्कृति से प्रेरित आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
छात्रों में मिली-जुली प्रतिक्रिया
कॉलेज के कई छात्रों ने कहा कि हेलोवीन डे को सिर्फ मस्ती और रचनात्मकता के रूप में मनाया जा रहा था, किसी की भावना आहत करने का उद्देश्य नहीं था। वहीं, कुछ छात्रों ने माना कि ऐसे आयोजन कॉलेज परिसर से बाहर होने चाहिए ताकि विवाद न बढ़े।
संस्कृति बनाम आधुनिकता की बहस फिर तेज
इस घटना के बाद एक बार फिर यह बहस शुरू हो गई है कि क्या कॉलेजों में पश्चिमी परंपराओं से जुड़े आयोजन किए जाने चाहिए या नहीं। एक तरफ जहां छात्र इसे ग्लोबल कल्चर से जुड़ने का जरिया बताते हैं, वहीं दूसरी ओर अभाविप जैसे संगठन इसे भारतीय मूल्यों के विपरीत मानते हैं।
