खंडवा जिले के जावर थाना क्षेत्र के पैठियां (मछौड़ी रैय्यत) गांव में रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक मदरसे के इमाम के कमरे से करीब 19 लाख 78 हजार रुपए के नकली नोट बरामद हुए। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मामला तब सामने आया जब मालेगांव पुलिस ने कुछ दिन पहले नकली नोटों के साथ दो आरोपियों जुबेर पिता अशरफ अंसारी और नजीम अकम अयूब अंसारी को पकड़ा था। उनके पास से 10 लाख रुपए के नकली नोट मिले थे। जब खबर मीडिया में आई, तो जावर क्षेत्र के एक शख्स ने पहचान लिया कि उनमें से एक तो उनके गांव पैठियां की मस्जिद का इमाम है।
सूचना मिलते ही जावर पुलिस हरकत में आई और गांव पहुंचकर लोगों से पूछताछ शुरू की। बाद में मालेगांव पुलिस से पुष्टि हुई कि पकड़ा गया जुबेर वही व्यक्ति है, जो पैठियां मस्जिद में इमाम के रूप में काम कर रहा था।
19 लाख के नकली नोट बरामद
इसके बाद पुलिस टीम ने मदरसे की तलाशी ली। टीआई सुलोचना गहलोद, डीएसपी अनिल सिंह चौहान और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। तलाशी के दौरान जुबेर के किराए के कमरे से एक बैग मिला, जिसमें नकली नोटों के बंडल रखे हुए थे। गिनती करने पर कुल 19 लाख 78 हजार रुपए के नकली नोट बरामद हुए। पुलिस का कहना है कि जुबेर मूल रूप से बुरहानपुर जिले के हरिपुरा का रहने वाला है। शुरुआती जांच में यह शक जताया जा रहा है कि वह किसी बड़े नकली नोट गिरोह से जुड़ा हुआ था, जो इन नोटों को कई जगहों पर सप्लाई करता था।
3 महीने पहले पैठियां में रखा गया था इमाम
मस्जिद के सदर कलीम खान ने बताया कि जुबेर को करीब तीन महीने पहले इमाम के रूप में रखा गया था। उससे पहले वह बेनपुरा डोंगरी गांव में नमाज पढ़ाता था, लेकिन वहां से हटाए जाने के बाद पैठियां आया था। कलीम खान के मुताबिक, जुबेर अकसर छुट्टियों पर चला जाता था और 26 अक्टूबर को यह कहकर गया था कि उसकी मां बीमार है। उसके बाद वह कभी वापस नहीं लौटा।
अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नकली नोट कहां से आए और किसे सप्लाई किए जाने थे। मालेगांव पुलिस ने जुबेर और उसके साथी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 179, 180 और 3(5) के तहत गिरफ्तार कर 8 दिन की पुलिस कस्टडी में लिया है।
