, ,

MP में वोटर लिस्ट जांच की शुरुआत, कई जिलों में लापरवाही उजागर

Author Picture
Published On: 4 November 2025

MP में मंगलवार से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) यानी मतदाता सूची के गहन परीक्षण की शुरुआत हो गई है, लेकिन पहले ही दिन कई जिलों में गड़बड़ियां सामने आ गईं। कुछ जगह तो फॉर्म ही नहीं पहुंचे, तो कहीं अधूरे छपे फॉर्म बांट दिए गए। वहीं, राजधानी भोपाल और इंदौर में कलेक्टर खुद फील्ड में उतरकर मतदाताओं से बात करते नजर आए। उज्जैन जिले में मंगलवार से काम शुरू होना था, लेकिन वहां गणना पत्रक ही नहीं छप पाए। सुबह से बीएलओ (BLO) और अधिकारी फॉर्म का इंतजार करते रहे, पर शाम तक काम शुरू नहीं हो सका। कुछ अधिकारियों का कहना है कि ट्रेनिंग पूरी होने के बाद बुधवार से सर्वे शुरू किया जाएगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी संदीप सिंह ने बताया कि देर शाम तक पत्रक उज्जैन पहुंच गए हैं, अब बुधवार से वितरण शुरू होगा।

धार में फॉर्म का दूसरा पेज गायब

धार में बड़ी लापरवाही देखने को मिली। यहां जो फॉर्म छपे थे, उनमें दूसरा पेज ही प्रिंट नहीं हुआ। अधिकारियों को दोबारा फॉर्म मंगवाने पड़े। वहीं, ग्वालियर और जबलपुर में स्थिति कुछ बेहतर रही, जहां पहले दिन करीब 20 प्रतिशत फॉर्म वितरित कर दिए गए।

भोपाल में कलेक्टर खुद मैदान में उतरे

राजधानी भोपाल में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह खुद कई मतदान केंद्रों पर पहुंचे। उन्होंने हुजूर विधानसभा के बूथ नंबर 33 से 38 तक का निरीक्षण किया और मतदाताओं से बातचीत की। कलेक्टर ने बताया कि भोपाल में 2029 BLO और 250 सुपरवाइजर इस काम में लगे हैं। हर BLO को मतदाताओं के घर तीन बार तक जाना होगा और फॉर्म की दो प्रतियां देनी होंगी एक मतदाता के पास, एक उनके पास।

इंदौर में कलेक्टर ने 95 साल के बुजुर्ग से भरा फॉर्म

इंदौर में कलेक्टर शिवम वर्मा ने खुद मतदाता सूची जांच की शुरुआत की। वे इमली बाजार पहुंचे और 95 वर्षीय वासुदेव वर्मा से फॉर्म भरवाया। बुजुर्ग वासुदेव वर्मा ने बताया कि उन्होंने अब तक हर चुनाव में वोट डाला है और इस बार भी उत्साह से प्रक्रिया में शामिल हो रहे हैं। कलेक्टर ने कहा कि यह अभियान पारदर्शिता सुनिश्चित करने का बड़ा कदम है।

2003 के बाद पहली बार डोर-टू-डोर सर्वे

SIR प्रक्रिया के तहत 2003 के बाद पहली बार घर-घर जाकर वोटर लिस्ट का सर्वे किया जा रहा है। जिनका नाम 2003 की सूची में नहीं था, उन्हें यह बताना होगा कि उनके परिवार में उस वक्त कौन मतदाता था। यह जानकारी सत्यापित होने पर ही नए नाम जोड़े जाएंगे। पहले दिन की तस्वीर साफ दिखाती है कि प्रदेश में जहां प्रशासन मुस्तैदी से जुटा है, वहीं कई जगह तैयारी की कमी और लापरवाही अब भी आड़े आ रही है। अगले कुछ दिनों में ये अभियान पूरे राज्य में गति पकड़ने की उम्मीद है।

Related News
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp