सतना के उचेहरा जनपद के ग्राम पंचायत पिथौराबाद में घटिया निर्माण कार्य के चलते एक बड़ी कार्रवाई की गई है। हाल ही में करीब 10 लाख रुपये की लागत से बनाई गई पीसीसी सड़क और 3 लाख रुपये की पुलिया कुछ ही महीनों में टूट-फूट गई। सड़क जगह-जगह से उखड़ चुकी है, जबकि पुलिया पर दरारें साफ दिखाई दे रही हैं। जांच के बाद जनपद सीईओ ओ.पी. अस्थाना ने पूरे मामले में सख्त रुख अपनाते हुए निर्माण कार्य को रद्द करने और जिम्मेदारों से राशि की वसूली के निर्देश दिए हैं।
कुछ महीनों में उखड़ गई सड़क
जानकारी के अनुसार, पंचायत पिथौराबाद में उचेहरा-नागौद मुख्य मार्ग से बेदुआ सागर तालाब मंदिर तक और आदिवासी बस्ती तक सड़क निर्माण किया गया था। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क का निर्माण कुछ ही महीनों पहले हुआ था, लेकिन अब इसकी हालत खस्ताहाल है। जगह-जगह से सीमेंट-गिट्टी उखड़ गई है और सड़क पर रेत फैल गई है। लोगों का कहना है कि घटिया सामग्री और जल्दबाजी में काम पूरा करने के कारण सड़क इतनी जल्दी खराब हो गई।
एक हफ्ते में चटक गई पुलिया
इसी तरह गौशाला के पास करीब तीन लाख रुपये की लागत से पुलिया बनाई गई थी। लेकिन निर्माण के एक हफ्ते के भीतर ही पुल की सतह पर दरारें पड़ गईं और कई हिस्सों में सीमेंट टूटने लगा। ग्रामीणों ने जब इस खराब निर्माण की शिकायत की, तब मामला प्रशासन तक पहुंचा।
सीईओ ने दिया सख्त निर्देश
नए जनपद सीईओ ओ.पी. अस्थाना ने मौके की जानकारी लेकर तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने बताया कि जांच में यह साफ हुआ है कि निर्माण कार्य में मानकों का पालन नहीं हुआ। घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और निर्माण में गंभीर लापरवाही बरती गई। ऐसे में पूरा काम निरस्त कर दिया गया है और जो भी शासकीय राशि इस कार्य में खर्च हुई है, उसकी वसूली संबंधित ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों से की जाएगी।
ग्रामीणों ने जताई राहत
गांव के लोगों ने कहा कि यह कार्रवाई जरूरी थी क्योंकि लंबे समय से पंचायतों में घटिया काम हो रहे थे। सीईओ की सख्ती से अब उम्मीद जगी है कि आगे इस तरह के काम बिना जांच के पास नहीं होंगे। अब प्रशासन यह तय करेगा कि दोबारा निर्माण कब और किस एजेंसी से कराया जाए ताकि जनता का पैसा बर्बाद न हो और सड़क-पुलिया टिकाऊ बने।
