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सोयाबीन किसानों के लिए खुशखबरी, भावांतर योजना के तहत 4033 रुपए प्रति क्विंटल मॉडल रेट तय

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Published On: 8 November 2025

MP के सोयाबीन किसानों के लिए शनिवार का दिन राहत लेकर आया। सरकार ने भावांतर भुगतान योजना के तहत 8 नवंबर को 4033 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट घोषित किया है। यह रेट उन किसानों के लिए तय किया गया है, जिन्होंने अपनी उपज को मंडियों में बेचा है। इसी दर के आधार पर किसानों को भावांतर की राशि का भुगतान किया जाएगा।

कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव किसानों के हितों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के अन्नदाताओं को उनकी मेहनत का पूरा दाम मिले, इसके लिए सरकार ने भावांतर योजना को फिर से सक्रिय किया है। इस योजना के जरिए किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम भाव मिलने पर सरकार उसकी भरपाई करेगी।

बड़ी संख्या में पंजीयन

मंत्री कंषाना ने बताया कि इस बार सरकार किसानों को एमएसपी से अलग 1300 रुपए प्रति क्विंटल अतिरिक्त राशि भी देगी। इसका लाभ किसानों को 13 नवंबर से दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी किसान घाटे में न रहे। हर किसान को उसकी उपज की सही कीमत मिले, यही हमारी प्राथमिकता है। भावांतर योजना को लेकर किसानों में इस बार जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। अब तक 9 लाख 36 हजार से ज्यादा किसानों ने इस योजना में पंजीयन कराया है। योजना शुरू होने के बाद से प्रदेश की 243 मंडियों और उपमंडियों में 1 लाख 44 हजार से ज्यादा किसानों ने 24 लाख 67 हजार क्विंटल सोयाबीन की बिक्री की है।

“किसानों के दम पर ही सशक्त MP”

सबसे ज्यादा सोयाबीन की आवक गंजबासौदा, देवास, उज्जैन, इंदौर और आगर की मंडियों में दर्ज की गई है। कृषि मंत्री के मुताबिक मंडियों में खरीद-बिक्री की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से चल रही है ताकि किसी किसान के साथ धोखा न हो। कंषाना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार लगातार किसानों के हित में योजनाएं लागू कर रही है। “हमारा लक्ष्य सिर्फ आर्थिक मदद देना नहीं, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है। सशक्त किसान ही सशक्त भारत और सशक्त मध्यप्रदेश की नींव हैं।

सरकार का दावा है कि भावांतर योजना के तहत यह कदम न सिर्फ किसानों की आमदनी बढ़ाएगा, बल्कि कृषि बाजार में स्थिरता भी लाएगा। फिलहाल किसान 13 नवंबर का इंतजार कर रहे हैं, जब उनके खातों में अतिरिक्त राशि पहुंचेगी।

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