तमिल सिनेमा के पहले सुपरस्टार माने जाने वाले एम.के. त्यागराज भागवतर की जिंदगी जितनी शानो–शौकत से भरी थी, उतनी ही अचानक टूट भी गई. गोल्ड प्लेटेड थाली में खाना खाने से लेकर मर्सडीज कारों के काफिले के साथ घूमने वाले इस लेजेंड की कहानी अब दुलकर सलमान की फिल्म Kaantha के ज़रिए नई पीढ़ी के सामने आने वाली है. एम.के. त्यागराज भागवतर का नाम तमिल इंडस्ट्री के इतिहास में आज भी एक बड़े सुपरस्टार के रूप में लिया जाता है. 1940 के दशक में उनका स्टारडम इतना ऊंचा था कि लोग उन्हें देखने थिएटर के बाहर घंटों लाइन में खड़े रहते. लेकिन एक विवाद ने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी. अब उनकी जिंदगी से प्रेरित कहानी दुलकर सलमान की Kaantha में दिखने वाली है.
1910 में जन्मे मायावरम कृष्णसामी त्यागराज भागवतर यानी एमकेटी ने बहुत कम उम्र में एक्टिंग की शुरुआत की. उनकी शुरुआती फिल्में हिट रहीं और देखते ही देखते वे तमिल सिनेमा के पहले सुपरस्टार बन गए. उनकी फिल्म हरिदास तो चेन्नई के ब्रॉडवे थिएटर में तीन साल तक चलती रही, जो उस जमाने में एक रिकॉर्ड था. स्टारडम के साथ उनकी लाइफस्टाइल भी रॉयल होती चली गई. लोग बताते हैं कि वह सोने की थाली में खाना खाते थे, मर्सडीज जैसी महंगी गाड़ियां रखते थे और उनके पास तीन बड़े बंगले थे.
तमिल सुपरस्टार की लग्जरी लाइफ
त्यागराज भागवतर के करियर की उड़ान जितनी तेज़ थी, उतनी ही तेजी से उनकी जिंदगी में गिरावट भी आई. स्टारडम के शिखर पर पहुंचने के बाद वे लग्जरी लाइफ में डूब चुके थे गोल्ड प्लेटेड प्लेट्स, महंगी कारों का काफिला और लाखों फैंस. लेकिन उनकी जिंदगी में बड़ा तूफान तब आया जब उन पर फिल्म पत्रकार लक्ष्मीकांतन की हत्या का आरोप लगा. इस केस में उन्हें चार साल की जेल की सजा हुई, हालांकि बाद में दोबारा सुनवाई के बाद उनकी सजा कम हो गई और वे रिहा हुए.
जेल के अनुभव ने उनके करियर को पूरी तरह झटका दे दिया. बाहर आने के बाद उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली और धीरे-धीरे उनका स्टारडम खत्म होता गया. जिनकी शान में सड़कें खाली हो जाती थीं, उन्हीं की जिंदगी अब मुश्किलों से भर गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्वास्थ्य समस्याओं, डायबिटीज और लीवर दिक्कतों ने उन्हें और कमजोर कर दिया. सिर्फ 49 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया.
दुलकर सलमान की Kaantha
अब उनकी जिंदगी की ये रोमांचक, दर्दभरी और उतार-चढ़ाव भरी कहानी को दुलकर सलमान बड़े पर्दे पर लेकर आ रहे हैं. Kaantha 14 नवंबर को रिलीज होने जा रही है और ट्रेलर में दिखाए गए किरदार व उनकी लाइफ जर्नी को देखकर दर्शक इसे एमकेटी की कहानी से जोड़ रहे हैं.
मेकर्स ने हालांकि इसे ऑफिशियल बायोपिक मानने से इंकार किया है और कहा है कि फिल्म सिर्फ एक फिक्शन है. लेकिन इंडस्ट्री के लोग और फैंस मानते हैं कि फिल्म का प्लॉट, कैरेक्टर का स्टारडम, गिरावट और निजी संघर्ष सब कुछ एमकेटी के जीवन से मिलता-जुलता है. दुलकर सलमान की डिटेल्ड परफॉर्मेंस और रियलिस्टिक प्रेजेंटेशन देखकर लग रहा है कि फिल्म तमिल सिनेमा के इतिहास में दर्ज इस सुपरस्टार की कहानी को नया सम्मान दे सकती है.
फिल्म किस हद तक एमकेटी के जीवन को दिखाती है ये रिलीज के बाद साफ होगा, लेकिन एक बात तय है दुलकर सलमान Kaantha के जरिए तमिल सिनेमा की एक भूली–बिसरी दास्तां को नए जमाने तक पहुंचाने वाले हैं.
