MP के सोयाबीन किसानों के लिए गुरुवार का दिन फायदे वाला साबित हुआ। भावांतर योजना 2025 में सरकार ने मॉडल रेट बढ़ाकर 4184 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया है। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद किसानों के खातों में 233 करोड़ रुपए एक क्लिक में ट्रांसफर कर दिए। राज्य सरकार का दावा है कि यह राशि उन किसानों को मिली है, जिन्होंने अपनी उपज समय पर और नियमों के अनुसार मंडी प्रांगणों में बेची थी। नए मॉडल रेट के आधार पर ही हर किसान की भावांतर पात्रता और भुगतान तय होगा।
7 से 14 नवंबर तक रेट में लगातार छलांग सोयाबीन के मॉडल रेट में पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
- 7 नवंबर: 4020 रुपए प्रति क्विंटल
- 13 नवंबर: 4130 रुपए
- 14 नवंबर: 4184 रुपए
यानी सिर्फ एक हफ्ते में रेट में 164 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हो चुकी है। सरकारी सूत्रों के अनुसार बाज़ार के उतार–चढ़ाव और किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए रेट में समय-समय पर संशोधन किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि यह बढ़ा हुआ रेट खरीफ सीजन में हुए नुकसान की कुछ हद तक भरपाई करेगा।
सीएम बोले
भावांतर राशि ट्रांसफर कार्यक्रम में सीएम मोहन यादव ने कहा कि सरकार किसानों की मेहनत और जोखिम दोनों समझती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सोयाबीन समेत अन्य खरीफ फसलों के लिए भी भावांतर भुगतान में देरी नहीं होगी। सीएम ने यह भी कहा कि भावांतर मॉडल रेट बढ़ाने का फैसला अचानक नहीं, बल्कि किसानों की बिक्री, मंडी की कीमतों और फसलों के मूल्यांकन को देखकर लिया गया है।
किसानों में उत्साह
नए मॉडल रेट के ऐलान के बाद कई मंडियों में किसानों की आवाजाही बढ़ गई है। व्यापारी भी नए भावों के आधार पर खरीद-फरोख्त को लेकर अपनी रणनीति तय कर रहे हैं। कुछ किसानों ने कहा कि सरकार ने समय पर रेट बढ़ाकर राहत दी है, क्योंकि पिछले एक महीने से सोयाबीन के दाम उम्मीद से कम चल रहे थे। राज्य सरकार के मुताबिक, भावांतर योजना के तहत भुगतान पूरी तरह डिजिटल है, जिससे गड़बड़ी या देरी की कोई गुंजाइश नहीं रहती। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी किसान भुगतान से वंचित न रहे।
