सिविल अस्पताल बैरागढ़ की मैटरनिटी ऑपरेशन थियेटर (OT) को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने ‘लक्ष्य कार्यक्रम’ के तहत क्वालिटी सर्टिफिकेशन दिया है। खास बात यह है कि ओटी ने 93% अंक हासिल कर क्वालिफाई किया है। इससे पहले अस्पताल के लेबर रूम को भी इसी कार्यक्रम के तहत मान्यता मिल चुकी है। लक्ष्य कार्यक्रम का मकसद गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों में सुरक्षित, भरोसेमंद और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। अस्पताल का मूल्यांकन भारत सरकार की एक्सटर्नल टीम ने 29 अक्टूबर को किया था। इस दौरान मैटर्निटी ओटी की हर छोटी-बड़ी व्यवस्था को बारीकी से जांचा गया। इससे पहले सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने खुद अस्पताल की तैयारियों का जायजा लिया था, ताकि मूल्यांकन के समय कोई कमी न रहे।
टीम ने इन्फेक्शन कंट्रोल से लेकर स्टाफ की उपलब्धता, ट्रेनिंग, रिकॉर्ड और दस्तावेजों की गोपनीयता, जरूरी उपकरण-संसाधनों की स्थिति और इमरजेंसी दवाओं की उपलब्धता तक सब कुछ चेक किया। हॉस्पिटल परिसर की स्वच्छता और ओटी की सफाई व्यवस्था भी जांच का प्रमुख हिस्सा रही।
अस्पताल को मिली पहचान
लक्ष्य सर्टिफिकेशन मिलना अस्पताल के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इससे न सिर्फ मरीजों का भरोसा बढ़ेगा बल्कि मातृत्व सेवाओं में अस्पताल की गुणवत्ता का भी मजबूत संदेश जाएगा। इस सर्टिफिकेशन का मतलब है कि अस्पताल की मैटर्निटी ओटी तय मानकों पर खरी उतरी है और यहां प्रसूति से जुड़ी सेवाएं सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से दी जा रही हैं।
सेवाओं के लिए काम जारी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, भोपाल, डॉ. मनीष शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों को बेहतर बनाने का काम लगातार जारी है और इस उपलब्धि के लिए अस्पताल प्रबंधन व सभी स्टाफ बधाई के योग्य हैं। उन्होंने कहा कि लक्ष्य कार्यक्रम का उद्देश्य है कि कोई भी गर्भवती महिला अस्पताल में असुरक्षित महसूस न करे और उसे हर तरह की सुविधाएं समय पर मिलें।सिविल अस्पताल बैरागढ़ की यह उपलब्धि न सिर्फ अस्पताल के कर्मचारियों की मेहनत का नतीजा है, बल्कि यह स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में जिले के लिए एक सकारात्मक संकेत भी है। अब उम्मीद की जा रही है कि आगे भी अस्पताल इसी तरह गुणवत्ता और मानकों पर खरा उतरता रहेगा।
