राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इसके आस-पास के NCR क्षेत्र में आज की सुबह वायु गुणवत्ता फिर से खतरनाक स्तर तक पहुँच गई है। प्रदूषण इतना बढ़ गया है कि इसे गंभीर प्लस (Severe Plus) श्रेणी में दर्ज किया गया है, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के NCR क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता एक बार फिर खतरनाक स्तर तक पहुंच गई है। प्रदूषण इतना बढ़ गया है कि इसे गंभीर प्लस (Severe Plus) श्रेणी में रखा गया है, जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद जोखिमपूर्ण माना जाता है।
दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता हुई खतरनाक
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और NCR के कई हिस्सों में वायु गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है, कई क्षेत्रों में AQI 500 के पार पहुंच गया है। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, वज़ीरपुर में AQI 691, आनंद विहार में 620, जहांगीरपुरी में 583 और बहादुरगढ़ में 550 दर्ज किया गया है, जो सभी गंभीर प्लस (Severe Plus) श्रेणी में आते हैं और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक हैं।
NCR में सांस लेना हुआ मुश्किल
दिल्ली और NCR के लोनी, रोहिणी और नोएडा सेक्टर-116 समेत कई इलाकों में वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। यह खतरनाक स्थिति लोगों के लिए सांस लेने में कठिनाई पैदा कर रही है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन संबंधी बीमारियों से प्रभावित लोगों के लिए। विशेषज्ञों और अधिकारियों को तुरंत इस पर नियंत्रण पाने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने दी चेतावनी
दिल्ली और उसके आसपास का एनसीआर क्षेत्र इस समय बेहद गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) कई इलाकों में 400 से भी ऊपर पहुंच गया है, जिससे हवा जहरीली और गहरी स्मॉग जैसी हो गई है। कई निगरानी केंद्रों में “गंभीर” श्रेणी दर्ज की गई है। इसके कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है, आँखों में जलन हो रही है, और डॉक्टरों ने स्वास्थ्य संबंधी चेतावनियाँ जारी की हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि बच्चों को स्कूलों में खेल‑कूद कराना “गैस चैंबर में डालने जैसा” है। प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज III को लागू किया है।
