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भोपाल में गंदगी फैलाने वालों पर निगम सख़्त, 211 प्रकरणों में करीब 80 हजार का स्पॉट फाइन

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Published On: 21 November 2025

भोपाल में साफ-सफाई को लेकर नगर निगम ने एक बार फिर अपना सख्त रुख दिखाते हुए सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने और निर्माण मलबा (सी.एंड.डी वेस्ट) फेंकने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। शहर के सभी जोनों में निगम की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और जहां भी लापरवाही दिख रही है, वहीं मौके पर जुर्माना ठोका जा रहा है। निगम कमिश्नर संस्कृति जैन के निर्देश के बाद यह पूरी कार्रवाई तेज हुई है। निगम का साफ कहना है कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को अब किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा। जिन इलाकों में सड़क किनारे कचरा फेंकने, सार्वजनिक जगहों पर गंदगी फैलाने या निर्माण सामग्री और मलबा खुले में डालने की शिकायतें मिल रहीं थीं, वहां अचानक निरीक्षण कर जुर्माना वसूला गया।

स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने 21 जोनों में अभियान चलाते हुए सिर्फ गंदगी फैलाने के 199 मामलों में कुल 62,700 रुपये की स्पॉट फाइन राशि वसूली। कुछ जोनों में मामूली जुर्माना तो कई जोनों में 10 से 15 हजार रुपये तक वसूले गए। विशेष रूप से जोन 6, 14 और 21 में सबसे ज्यादा जुर्माना वसूल किया गया है। निगम का कहना है कि कई लोग बार-बार चेतावनी के बाद भी अनुशासन नहीं मानते, इसलिए अब सीधे जुर्माना लगाया जा रहा है।

12 प्रकरण दर्ज

सड़कों और खाली स्थानों पर निर्माण मलबा फेंकने वालों पर भी कार्रवाई की गई। अलग-अलग जोनों में 12 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें कुल 17,950 रुपये का जुर्माना लिया गया। कई निर्माण स्थलों पर ग्रीन नेट न लगाने और उससे उड़ने वाली धूल से वायु गुणवत्ता खराब होने की शिकायतें भी सामने आई थीं। टीमों ने ऐसे स्थानों पर जाकर न केवल फाइन लगाया बल्कि तुरंत ग्रीन नेट लगाने के निर्देश भी दिए।

कार्रवाई रहेगी जारी

निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर को स्वच्छ रखना सिर्फ निगम की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। जहां भी गंदगी फैलाई जा रही है, वहां सीसीटीवी फुटेज और फील्ड रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि आगे से नियम तोड़ने वालों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई होगी, जिसमें फाइन बढ़ाने से लेकर कानूनी कार्रवाई तक शामिल है। नगर निगम का यह अभियान आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा ताकि शहर में स्वच्छता का स्तर बेहतर हो और भोपाल स्वच्छता रैंकिंग में फिर से चमक सके।

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