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श्योपुर में गरजी किसान न्याय यात्रा, जीतू पटवारी ने खत्म कराई भूख हड़ताल; सरकार को दी अल्टीमेटम

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Published On: 21 November 2025

श्योपुर में किसानों के मुआवजे, बिजली बिल राहत और केसीसी ऋण माफी की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन शुक्रवार को नए मोड़ पर पहुंच गया। कांग्रेस की किसान न्याय यात्रा के तहत प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी दोपहर करीब दो बजे शिवपुरी रोड रेस्ट हाउस से ट्रैक्टर रैली निकालते हुए पटेल चौक पहुंचे, जहां विधायक बाबू जंडेल पिछले चार दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे। धरना स्थल पहुंचकर पटवारी ने जंडेल का हाथ पकड़कर उनका हौसला बढ़ाया।

इस दौरान उनके साथ राधौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह, राज्यसभा सांसद अशोक सिंह, भांडेर विधायक फूल सिंह बरैया, जोरा विधायक पंकज उपाध्याय, विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा और कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी नीटू सिकरवार मौजूद रहे। चारों तरफ किसानों की भीड़ थी और माहौल पूरी तरह विरोध के नारों से गर्म।

खत्म कराई भूख हड़ताल

पटवारी ने मौके पर मौजूद श्योपुर SDM बीएस श्रीवास्तव से साफ कहा कि 1 दिसंबर से पहले किसानों को मुआवजा मिल जाना चाहिए, वरना बाबू जंडेल विधानसभा सत्र में ही भूख हड़ताल शुरू करेंगे और सभी कांग्रेस विधायक उनके साथ बैठेंगे। इसके बाद पटवारी जंडेल को धरना स्थल से उठाकर मैन ग्राउंड ले गए और जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया। भीड़ ने तालियों से इस फैसले का स्वागत किया। सभा में पटवारी ने सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि मध्य प्रदेश का किसान आज हर स्तर पर संकट में है। कहीं बिजली का संकट, कहीं खाद की कमी और कहीं समर्थन मूल्य पर खरीद न होने की वजह से किसान रोज परेशान हो रहा है। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि से फसल खराब होना किसी किसान के परिवार में शोक जैसा होता है और सरकार इस दर्द को समझना ही नहीं चाहती।

किसानों का अपमान

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए पटवारी बोले कि जब मैं किसान की सोयाबीन की बोरी कंधे पर रखकर समस्या बताने गया, तो उन्होंने कहा कि बात सुनने लायक हो तो सुनी जाए। यह मेरा नहीं, किसानों का अपमान है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि ताली बजवाने से क्या होगा? श्योपुर के किसानों का मुआवजा नहीं आया, सिरसोद के घायल किसान को राहत नहीं मिली और ऊपर से बिजली कर्मचारियों पर सैलरी कटने की धमकी दी जा रही है।

सौंपा ज्ञापन

वहीं, जयवर्धन सिंह ने कहा कि बाबू जंडेल ने किसानों के लिए जो तपस्या की है, उसे हर किसान सलाम करता है। फूल सिंह बरैया ने सरकार की लाडली बहना योजना पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार 1200 देकर 12 लाख हड़प लेती है और धान-गेहूं किसान से खरीदने की बजाय निजी व्यापारियों के भरोसे छोड़ देती है। इसी दौरान शहर के दिव्यांगों ने भी पटवारी को ज्ञापन सौंपते हुए पेंशन बढ़ाने की मांग रखी। पटवारी ने आश्वासन दिया कि कांग्रेस की सरकार बनने पर दिव्यांग पेंशन 3000 रुपये प्रति माह कर दी जाएगी। श्योपुर में शुक्रवार का दिन किसानों के आंदोलन को नया तेवर देने वाला रहा और अब सबकी नजरें सरकार की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

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