गौहर महल इन दिनों रंग, कल्पना और मिट्टी की खुशबू से महक रहा है। पॉटर्स मार्केट के 13वें संस्करण ने एक बार फिर भोपाल को कला-प्रेमियों का ठिकाना बना दिया है। देश के अलग-अलग कोनों से आए 45 से ज्यादा कलाकार यहां अपनी महीनों की मेहनत, रचनात्मकता और अनूठी तकनीक को जनता के सामने ला रहे हैं। पॉटरी, सिरेमिक और टेराकोटा की सजी हुई यह प्रदर्शनी हर स्टॉल पर एक अलग कहानी कहती है।
इस बार की प्रदर्शनी में सबसे ज्यादा चर्चा में स्पेशल गेस्ट राखी काने के बनाए ऐनागामा तकनीक वाले पॉट्स हैं। जापानी तरीका, 1300 डिग्री का तापमान, चार से पांच दिन की लगातार फायरिंग और फिर पिघलती मिट्टी से उभरते अनोखे टेक्स्चर इन पॉट्स को देखकर लगता है जैसे आग और मिट्टी ने मिलकर नई जिंदगी रची हो। इन्हीं कलाकृतियों की कीमत करीब 1.50 लाख रुपए तक पहुंच रही है। राखी काने ने मध्यप्रदेश के जनजातीय संग्रहालय से प्रेरणा ली है और उसी थीम पर मिट्टी के खूबसूरत नक्काशीदार पिलर भी बनाए हैं।
देती है संदेश
भोपाल की युवा कलाकार शाद फातिमा का स्टॉल भी लोगों का ध्यान खींच रहा है। हाथियों के झुंड से प्रेरित उनकी पॉटरी सिर्फ कला नहीं, एक संदेश भी देती है प्यार, अपनापन और साथ रहने का। शाद कहती हैं, “टेक्नोलॉजी ने हमें जितना जोड़ा है, उतना अकेला भी कर दिया है। हाथियों की तरह इंसानों को भी आपस में जुड़ना सीखना होगा।” पेंटर से पॉटरी आर्टिस्ट बनीं शाद पिछले तीन सालों से सेरेमिक की दुनिया में डूबी हुई हैं।
अनोखी स्टाइल
जया शाक्या ने भी पहली बार पॉटर्स मार्केट में कदम रखा है और उनकी पॉटरी भी अपनी थीम की वजह से अलग दिखाई देती है। भीमभेटका की प्राचीन पेंटिंग्स से प्रेरित डिज़ाइन और वज्र आकार में बनाए कान की बालियां, कैंडल होल्डर और हार इनमें पुराने समय की कला का स्पर्श साफ दिखता है। कोलकाता की फाल्गुनी भट्ट ने स्टोनवेयर पर क्रेयॉन पेंटिंग जैसी अनोखी स्टाइल दिखाकर लोगों को हैरान किया है।
कला-प्रेमियों की भीड़
प्रदर्शनी का उद्घाटन गुरुवार को गेस्ट आर्टिस्ट्स ने किया था और इसके बाद से लगातार कला-प्रेमियों की भीड़ लग रही है। मिट्टी के ऐश-ट्रे से लेकर मॉडर्न स्टोनवेयर तक हर एक कलाकृति में कलाकार की आत्मा बसती दिखाई देती है। यह पॉटरी मार्केट 23 तारीख तक गौहर महल में खुला रहेगा, और अगर आप कला से जरा भी प्यार करते हैं, तो इसे मिस करना नुकसान का सौदा होगा।
