चीन से जापान जाने वाली 12 रूट्स की सभी उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिससे नागोया, फुकुओका, साप्पोरो और ओसाका जैसे प्रमुख शहर प्रभावित हुए। रिपोर्ट में यह भी अनुमान जताया गया है कि 27 नवंबर को जापान के लिए निर्धारित उड़ानों में से लगभग 21.6% फ्लाइटें कैंसिल हो सकती हैं, जो पिछले एक महीने में सबसे अधिक रद्दीकरण दर दर्ज की जाएगी।
चीन से जापान जाने वाली कुल 12 रूट्स की सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इन रद्द उड़ानों की वजह से नागोया, फुकुओका, साप्पोरो और ओसाका जैसे प्रमुख शहर सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। जिससे यात्रियों और आवागमन व्यवस्था पर बड़ा प्रभाव देखने को मिल सकता है।
बड़े पैमाने पर हुई रद्द
चीन से जापान जाने वाली उड़ानों में हाल के दिनों में बड़ी संख्या में रद्दीकरण देखने को मिला है। रद्द होने वाले टॉप रूट्स में सबसे आगे तियानजिन बिनहाई–कान्साई इंटरनेशनल रहा, जहां करीब 65% उड़ानें रद्द की गईं। इसके बाद नानजिंग लुकोउ–कान्साई इंटरनेशनल रूट पर 59.4% उड़ानें रद्द हुईं। ग्वांगझू बाययून–कान्साई इंटरनेशनल पर 31.3%, शंघाई पुडोंग–कान्साई इंटरनेशनल पर 30.1% और वूशी शुओफांग–कान्साई इंटरनेशनल रूट पर 28.6% उड़ानें रद्द की गईं। रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्तमान में चीन से जापान के लिए हर सप्ताह लगभग 1,224 उड़ानें ऑपरेट होने का अनुमान है।
जापान का सबसे बड़ा पर्यटक
जापान नेशनल टूरिज्म ऑर्गनाइजेशन (JNTO) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 की पहली तीन तिमाहियों में जापान आने वाले विदेशी पर्यटकों की कुल संख्या 3.16 करोड़ रही। इनमें से अकेले चीन से 74.87 लाख लोग जापान घूमने पहुंचे, जो पिछले वर्ष की तुलना में 42.7% की बड़ी बढ़ोतरी है। इस तेज वृद्धि के चलते चीन ने दक्षिण कोरिया को पीछे छोड़ दिया है और जापान का सबसे बड़ा विदेशी पर्यटक स्रोत बनकर उभरा है।
भारतीयों की पसंद में आया बदलाव
यात्रा प्लेटफॉर्म ‘क्यूनार’ के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार भारतीय पर्यटकों की विदेश यात्रा की पसंद में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। 15-16 नवंबर के बीच उपलब्ध अंतरराष्ट्रीय टिकट बुकिंग के आधार पर दक्षिण कोरिया सबसे पसंदीदा आउटबाउंड पर्यटन स्थल बनकर उभरा है। इसके अलावा थाईलैंड, हांगकांग (चीन), मलेशिया, सिंगापुर, वियतनाम और इंडोनेशिया जैसे देशों के लिए उड़ानों की मांग में भी तेज़ी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जो बदलते ट्रैवल ट्रेंड को दर्शाता है।
