पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) ने विदेशी मुद्रा की बिक्री को लेकर नए सख्त नियम लागू कर दिए हैं, जिनके बाद आम लोगों के लिए कैश डॉलर प्राप्त करना बेहद मुश्किल हो गया है। नए निर्देशों के अनुसार अब किसी भी व्यक्ति को कैश के रूप में विदेशी मुद्रा देने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके बजाय डॉलर या अन्य विदेशी मुद्रा सीधे संबंधित व्यक्ति के FCY (Foreign Currency) बैंक अकाउंट में ही ट्रांसफर की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य बाजार में कैश डॉलर के प्रवाह को नियंत्रित करना और विदेशी मुद्रा लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ाना बताया जा रहा है।
पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) ने विदेशी मुद्रा की कैश बिक्री पर सख्त रोक लगा दी है। अब किसी भी नागरिक को कैश डॉलर नहीं दिया जाएगा, बल्कि रकम सीधे FCY (Foreign Currency) बैंक अकाउंट में ही ट्रांसफर की जाएगी। नए नियमों के चलते आम लोगों के लिए डॉलर हासिल करना और भी मुश्किल हो गया है।
कैश डॉलर की बिक्री पर रोक
पाकिस्तान में नए नियमों के तहत अब डॉलर खरीदने वाले ग्राहकों को नकद डॉलर उपलब्ध नहीं होंगे। एक्सचेंज कंपनियां कैश देने की बजाय चेक जारी करेंगी, जिसे ग्राहक अपने FCY (विदेशी मुद्रा) खाते में जमा करवा सकेंगे। जिनके पास FCY अकाउंट नहीं है, वे अब कैश डॉलर खरीद नहीं पाएंगे। सभी लेन-देन अब केवल अकाउंट-टू-अकाउंट तरीके से होंगे।
SBP ने लागू किया नया नियम
स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) ने डॉलर की बड़ी निकासी रोकने, मनी चेंजरों द्वारा होर्डिंग कम करने और बैंक-आधारित एक्सचेंज सिस्टम को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नया नियम लागू किया है। हालांकि, स्वतंत्र एक्सचेंज कंपनियों का आरोप है कि इस फैसले से बड़े बैंक-मालिकाना एक्सचेंज कंपनियों को फायदा होगा, छोटे मनी चेंजर कमजोर पड़ेंगे और आम लोगों के लिए डॉलर खरीदने की प्रक्रिया बेहद जटिल और धीमी हो जाएगी।
ट्रांसफर नियमों में लगी नई समय सीमा
नए नियमों के तहत विदेशी मुद्रा के ट्रांजैक्शन में लगने वाला समय अलग-अलग होगा। यदि ट्रांसफर एक ही बैंक के भीतर होता है तो यह तुरंत हो जाएगा, जबकि अलग-अलग बैंकों के बीच इंटरबैंक ट्रांसफर में कम से कम 5 दिन लग सकते हैं। वहीं, यूरो या पाउंड जैसी अन्य मुद्राओं के ट्रांसफर में 20 से 25 दिन तक का समय लग सकता है।
आम नागरिकों पर प्रभाव
पाकिस्तान में नए नियमों के तहत आम नागरिकों के लिए डॉलर खरीदना मुश्किल हो गया है, क्योंकि जिनके पास FCY (विदेशी मुद्रा) अकाउंट नहीं है, वे अब नकद डॉलर प्राप्त नहीं कर सकते। यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों और बैंकिंग सेवाओं से दूर रहने वाले लोगों के लिए भारी परेशानी और विलंब पैदा करेगा, साथ ही ग्राहकों के बीच बैंकिंग प्रणाली पर विश्वास घटने का खतरा भी बढ़ा है।
