इंदौर सराफा बाजार से हटाए गए दुकानदारों ने शुक्रवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव से मुलाकात की और अपनी समस्या रखी। इस दौरान महापौर ने साफ-साफ कहा कि सराफा बाजार में अब मोमोस या चाइनीज फूड की दुकानें नहीं लगने दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि जो दुकानें गलती से लग गई हैं, उन्हें भी बंद कराया जाएगा और दुकानदारों से कहा जाएगा कि वे किसी अन्य वस्तु की दुकान चलाएं।
महापौर ने कहा कि सराफा क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर सोना-चांदी व्यापारियों ने एसोसिएशन के माध्यम से मांग उठाई थी। नगर निगम उसी दिशा में कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि सराफा चौपाटी की पहचान और वैभव को बनाए रखना जरूरी है। यहां भीड़ अधिक रहती है, ऐसे में सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।
दूसरी जगह देने का आश्वासन
महापौर ने कहा कि जिन दुकानदारों को हटाया गया है, उन्हें दूसरी जगह दुकान लगाने का विकल्प दिया जाएगा, ताकि उनका नुकसान न हो। हालांकि उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि सराफा में अब इस तरह के फूड स्टॉल वापस नहीं लगाए जाएंगे। दुकानदारों के बार-बार अनुरोध के बावजूद महापौर ने अपने निर्णय में कोई बदलाव नहीं किया। कई दुकानदारों ने आरोप लगाया कि निगम द्वारा तैयार की गई सूची में गड़बड़ी है। कुछ लोगों के चार-पाँच दुकानें एक ही नाम पर दर्ज हैं, जबकि जरूरतमंदों को जगह नहीं मिल रही। इस पर महापौर ने कहा कि सूची की जांच कराई जाएगी। यदि किसी के पास कई दुकानें हैं, तो यह भी देखा जाएगा कि उन्हें कितनी जगह दी जा सकती है।
दो दिन से हंगामा
सराफा चौपाटी पर निगम की कार्रवाई लगातार जारी है। गुरुवार रात टीम जब फिर वहां पहुंची, तो जिन दुकानदारों को दुकानें लगाने नहीं दी जा रही थीं, वे विरोध में धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। हंगामा बढ़ते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश देकर हटाया। इससे पहले बुधवार को भी निगम की कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हुआ था। कई दुकानदारों ने रास्ता रोककर विरोध जताया था। निगम का कहना है कि सराफा की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है, जबकि दुकानदारों का कहना है कि अचानक की गई कार्रवाई से उनकी रोज़ी-रोटी पर असर पड़ रहा है।
