MP में होमगार्ड्स स्थापना दिवस इस वर्ष 6 दिसंबर को पूरे औपचारिक अंदाज में मनाया जाएगा। राजधानी भोपाल स्थित जहांगीराबाद होमगार्ड्स परेड ग्राउंड में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम सुबह 10 बजे से शुरू होगा और सुरक्षा बलों की अनुशासन, तत्परता और साहसिक क्षमताओं का प्रदर्शन किया जाएगा।
समारोह की शुरुआत परेड द्वारा दी जाने वाली सलामी से होगी। मुख्यमंत्री यादव परेड का निरीक्षण करेंगे और मार्च-पास्ट के बाद उपस्थित अधिकारियों व जवानों को संबोधित करेंगे। अधिकारियों के मुताबिक इस बार परेड में आधुनिक ड्रिल, बेहतर तालमेल और नई यूनिफॉर्म डिस्प्ले भी देखने को मिलेगा।
लाइव प्रदर्शन
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा एसडीईआरएफ और सिविल डिफेंस द्वारा किया जाने वाला आपदा प्रबंधन प्रदर्शन होगा। टीम वास्तविक परिस्थितियों जैसे भवन ध्वंस, आगजनी, बाढ़ और ऊँचाई से बचाव के सिमुलेशन का लाइव डेमो करेगी। इसका उद्देश्य जनता और प्रशासन को यह भरोसा दिलाना है कि आपदा की स्थिति में प्रशिक्षित टीमें तुरंत और प्रभावी ढंग से मोर्चा संभाल सकती हैं।
वीरों को सम्मान
स्थापना दिवस पर उन होमगार्ड जवानों को भी सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने पिछले साल के दौरान अदम्य साहस, उत्कृष्ट सेवा या राहत-बचाव में सराहनीय योगदान दिया है। साथ ही, शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को भी मंच से सम्मानित किया जाएगा। विभाग प्रमुखों का कहना है कि यह सम्मान केवल उपलब्धि नहीं बल्कि युवा पीढ़ी में सेवा भावना जगाने का एक संदेश भी है।
आपदा प्रबंधन की रीढ़
होमगार्ड्स, नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन महानिदेशक प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने बताया कि स्थापना दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश में आपदा प्रबंधन की तैयारियों और नागरिक सुरक्षा व्यवस्था का प्रदर्शन भी है। उन्होंने कहा कि होमगार्ड्स ने पिछले वर्षों में कोविड सेवा, बाढ़ राहत, सड़क सुरक्षा और विभिन्न आपात स्थितियों में असाधारण योगदान दिया है।
सरकार को उम्मीद है कि स्थापना दिवस के भव्य आयोजन से न केवल होमगार्ड्स का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि युवा वर्ग में भी इस सेवा के प्रति आकर्षण बढ़ेगा। राज्य सरकार कई नई योजनाओं पर भी विचार कर रही है, जिसमें बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएँ, उपकरणों का आधुनिकीकरण और फील्ड में तैनाती के लिए नई तकनीकों का उपयोग शामिल है।
