MP के 4 बड़े एयरपोर्ट इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर इन दिनों IndiGo की उड़ानों में जारी अव्यवस्था के कारण प्रभावित हो रहे हैं। सोमवार को भी इंदौर एयरपोर्ट पर हालात सामान्य नहीं रहे। चार इनकमिंग और तीन आउटगोइंग उड़ानें रद्द होने से यात्री घंटों तक जानकारी के इंतजार में परेशान होते रहे। इंदौर के देवी अहिल्या बाई होलकर एयरपोर्ट पर सुबह से ही अफरा-तफरी का माहौल रहा। यात्री लगातार काउंटरों और हेल्पलाइन पर जानकारी लेने पहुंचे, लेकिन स्पष्ट जवाब न मिलने से नाराजगी बढ़ती गई।
सूत्रों के मुताबिक, पुणे की 6E284, मुंबई की 6E5161, भुवनेश्वर की 6E6331 और मुंबई की 6E5181 उड़ानें रद्द कर दी गईं। वहीं, जाने वाली उड़ानों में बेंगलुरु की 6E701, मुंबई की 6E6551 और जम्मू की 6E6331 कैंसिल रहीं।
किरायों में झटका
फ्लाइट कैंसिलेशन और कम ऑपरेशन का सीधा असर किरायों पर पड़ा है। स्थिति यह है कि इंदौर-शारजाह जैसे इंटरनेशनल रूट का टिकट सस्ता और दिल्ली-मुंबई जैसे घरेलू रूट का टिकट कई गुना महंगा हो गया है। ट्रैवल एजेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष अमोल कटारिया ने बताया कि इंडिगो के संकट का असर पूरे सिस्टम पर दिख रहा है। शारजाह की उड़ान एयर इंडिया एक्सप्रेस नियमित चला रहा है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय रूट पर किराया स्थिर है, जबकि घरेलू रूट पर मांग बढ़ते ही कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं।
ट्रेन-बस में भी सीटों का संकट
इंडिगो के ऑपरेशन ठप होने का असर जमीन पर भी दिख रहा है। ट्रेनों में तत्काल टिकट मिलना मुश्किल हो गया है और बसों में एक-एक सीट के लिए यात्रियों को संघर्ष करना पड़ रहा है। यात्रियों का कहना है कि उन्हें कई गुना अधिक किराया चुकाकर भी यात्रा की गारंटी नहीं मिल पा रही।
मौजूदा किराया
| रूट | किराया |
|---|---|
| इंदौर–शारजाह | ₹16,000 – ₹17,600 |
| इंदौर–दिल्ली | ₹16,700 – ₹20,200 |
| इंदौर–मुंबई | इकोनॉमी Sold Out, बिजनेस ₹29,000 |
हेल्पलाइन से संपर्क नहीं
इंडिगो की ओर से यात्रियों को दो–तीन दिन बाद की फ्लाइट का विकल्प दिया जा रहा है। इंदौर एयरपोर्ट प्रबंधन ने हेल्पलाइन नंबर 98211 92283 जारी किया है, लेकिन यात्रियों का कहना है कि इस नंबर पर कोई रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा। कई यात्रियों ने यह भी बताया कि इंडिगो के एयरपोर्ट काउंटरों पर उनके सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं दिए जा रहे, जिससे असमंजस और बढ़ रहा है।
एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार उड़ानें रद्द होना, अचानक मांग बढ़ जाना और कम ऑपरेशन इन सबने मिलकर घरेलू किराए को असामान्य रूप से बढ़ा दिया है।
