मध्य प्रदेश की मोहन सरकार इस समय पूरी ताकत के साथ बुंदेलखंड में डेरा डाले हुए है। मुख्यमंत्री मोहन यादव सभी मंत्रियों के साथ खजुराहो पहुंचे हैं, जहां सोमवार से लगातार विभागवार समीक्षा और योजनाओं की स्थिति का आकलन किया जा रहा है। इसी सिलसिले में आज मुख्यमंत्री सुबह पन्ना टाइगर रिजर्व में सफारी के लिए जाएंगे। इसे अनौपचारिक तौर पर मंत्रियों के बीच संवाद और समन्वय बढ़ाने की कवायद के रूप में भी देखा जा रहा है।
सरकार की सबसे महत्वपूर्ण गतिविधि दोपहर की कैबिनेट बैठक होगी, जो खजुराहो के महाराजा कन्वेंशन सेंटर में आयोजित की जाएगी। बैठक में कई बड़े विभागीय प्रस्तावों और विकास योजनाओं को मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार के दो साल पूरे होने के बाद यह बैठक बाक़ी बचे कार्यकाल के लिए प्राथमिकताएं तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रतिमाओं का अनावरण
कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री महाराजा कन्वेंशन सेंटर परिसर में महाराजा छत्रसाल और सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमाओं का अनावरण करेंगे। सरकार इसे बुंदेलखंड के ऐतिहासिक और राजनीतिक महत्व से जोड़कर एक प्रतीकात्मक संदेश के रूप में पेश कर रही है।
खजुराहो की गतिविधियों के बाद मुख्यमंत्री राजनगर क्षेत्र के सती की मढ़िया में आयोजित विशाल महिला सम्मेलन में शामिल होंगे। इस सम्मेलन में लाड़ली बहना योजना के तहत प्रदेश की 1 करोड़ 26 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में 1,857 करोड़ रुपए से अधिक की राशि एक क्लिक में अंतरित की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान कई विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी प्रस्तावित है।
लाड़ली बहना योजना
महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से जून 2023 में शुरू हुई मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना लगातार विस्तार की ओर बढ़ रही है। शुरुआती सहायता राशि 1,000 रुपए प्रतिमाह थी, जिसे पहले 1,250 और फिर नवंबर 2025 से बढ़ाकर 1,500 रुपए कर दिया गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रहीं महिलाओं को 900 रुपए प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। अगस्त 2023, 2024 और 2025 में महिलाओं को 250-250 रुपए की विशेष सहायता भी प्रदान की गई थी।
अब तक योजना के 30 चक्र पूरे हो चुके हैं और दिसंबर 2025 में 31वीं किस्त सीधे डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में भेजी जा रही है। सरकार का दावा है कि पारदर्शी भुगतान प्रणाली के कारण किसी भी प्रकार की कटौती या बिचौलियापन की गुंजाइश नहीं बचती।
बुंदेलखंड पर सरकार का फोकस
खजुराहो में हो रहा यह सरकारी जमावड़ा न केवल प्रशासनिक समीक्षा है, बल्कि बुंदेलखंड में राजनीतिक मजबूती का संदेश भी देता है। आने वाले दिनों में यह क्षेत्र सरकार की प्राथमिकताओं में और ऊपर आता दिख सकता है।
