भोपाल में उस समय माहौल गरम हो गया, जब युवा कांग्रेस ने राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के 74 बंगले का घेराव किया। आरोप है कि मंत्री के सगे भाई अनिल बागरी बड़ी मात्रा में गांजा तस्करी करते पकड़े गए। इस घटना के बाद विपक्ष आक्रामक हो गया है और मंत्री की बर्खास्तगी की मांग तेज हो गई है।
युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित खत्री ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि जब सत्ता से जुड़े लोग ही ड्रग्स के कारोबार में लिप्त पाए जाएं, तो प्रदेश की कानून व्यवस्था खुद पर सवाल खड़े करती है। खत्री का आरोप है कि इतने बड़े स्तर पर तस्करी होना यह दर्शाता है कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध धंधे में सक्रिय रहा है और उसे राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ था। उन्होंने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि इतनी बड़ी खेप कहां भेजी जा रही थी और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं।
पुलिस से झूमाझटकी
प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों युवा कांग्रेस कार्यकर्ता मंत्री के बंगले के बाहर जमा हो गए और भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनाई। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बल प्रयोग कर प्रदर्शन को दबाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ड्रग माफिया और सत्ता से जुड़े लोगों की मिलीभगत से प्रदेश में नशे का जाल फैल रहा है, और इसका खामियाजा प्रदेश के युवा भुगत रहे हैं। अमित खत्री ने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ बड़ी-बड़ी बातें करने वाली सरकार अपने मंत्रियों और उनके रिश्तेदारों पर कार्रवाई करने से बच रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार मामले को दबाने की कोशिश करती है, तो युवा कांग्रेस राज्यव्यापी आंदोलन करेगी।
बर्खास्तगी की मांग
युवा कांग्रेस ने मांग की कि मामले की जांच एसआईटी से कराई जाए और जांच पूरी होने तक संबंधित मंत्री को पद से हटाया जाए, ताकि वे अपने प्रभाव का इस्तेमाल न कर सकें। खत्री ने कहा कि इतनी गंभीर घटना में तुरंत राजनीतिक जवाबदेही तय होनी चाहिए। घेराव के दौरान युवा कांग्रेस के कई पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें प्रदेश महामंत्री प्रिंस नावंगे, विधानसभा अध्यक्ष मोहम्मद आमिर, रितेश सोनी, प्रियंक सखवार, अनीस शर्मा, मोहन रूडेले, गोपिल कोटवार, लोकेंद्र शर्मा और मयंक दिसोरिया सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल थे।
