MP में मंत्री प्रतिमा बागरी के भाई पर लगे गंभीर आरोपों को लेकर छात्र राजनीति में गर्माहट तेज़ हो गई है। NSUI ने भोपाल में जोरदार प्रदर्शन करते हुए मंत्री की बर्खास्तगी की मांग की। मामला गांजा तस्करी से जुड़ा होने के कारण सरकार की चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। बीते दिनों प्रतिमा बागरी के भाई और उनके साथियों पर करीब 50 किलो गांजा ले जाने के आरोप में गिरफ्तारी हुई थी। विपक्ष का दावा है कि मामले की गंभीरता के बावजूद सरकार कार्रवाई से बच रही है। NSUI का कहना है कि राज्य सत्ता के संरक्षण के बिना इतनी बड़ी तस्करी संभव नहीं। NSUI प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने कहा कि सरकार मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रही है और यह प्रदेश में नशे के गहराते नेटवर्क का बड़ा संकेत है।
सोमवार सुबह NSUI कार्यकर्ता गांजे की माला लेकर मुख्यमंत्री निवास की ओर रवाना हुए। उनका कहना था कि वे मुख्यमंत्री से सीधे पूछना चाहते हैं कि जब सरकार के मंत्रियों के घरों से ड्रग्स नेटवर्क चल रहा है, तब क्या ऐसी स्थिति में मुख्यमंत्री जिम्मेदारी लेंगे?
‘उड़ता MP’ का आरोप
NSUI नेताओं ने आरोप लगाया कि ड्रग्स नेटवर्क को सरकारी संरक्षण मिला हुआ है। चौकसे ने कहा कि अगर मंत्री के भाई के पास 50 किलो गांजा मिला है, तो सरकार बताए कि आखिर यह कारोबार कितने समय से चल रहा था और किसके संरक्षण में चल रहा था। उन्होंने दावा किया कि सरकार की कार्यशैली बताती है कि प्रदेश को ‘उड़ता मध्यप्रदेश’ बनाने की कोशिश हो रही है।
कार्यकर्ता गिरफ्तार
प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल व्यापक संख्या में मौजूद रहा। मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ रहे प्रदेश अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित करीब 50 NSUI कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कई जगहों पर धक्का-मुक्की भी हुई।
NSUI की चेतावनी
NSUI ने साफ कहा है कि यह सिर्फ शुरुआत है। संगठन ने चेतावनी दी कि जब तक मंत्री प्रतिमा बागरी इस्तीफा नहीं देतीं और ड्रग्स नेटवर्क पर ठोस कार्रवाई शुरू नहीं होती, आंदोलन प्रदेश भर में और तेज़ होगा। विपक्ष के मोर्चे पर यह बड़ा मुद्दा बन चुका है और आने वाले दिनों में इसका राजनीतिक असर बढ़ने की संभावना है।
