भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग की सप्लीमेंट्री परीक्षा के दौरान एक बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। प्रथम सेमेस्टर की छात्रा अनु कुमारी की जगह परीक्षा देने पहुंची सानिया अली दस्तावेज सत्यापन के दौरान ही रंगे हाथों पकड़ ली गई। परीक्षा केंद्र पर मौजूद आब्जर्वर ने आधार कार्ड पर लगी तस्वीर और वास्तविक परीक्षार्थी में मेल न होने पर तुरंत कार्रवाई की और कॉलेज प्रबंधन को इसकी जानकारी दी।
खुली पोल
सानिया अली अपने साथ अनु कुमारी का आधार कार्ड लाई थी, ताकि पहचान की औपचारिकताओं को पार किया जा सके। लेकिन फोटो स्पष्ट रूप से अलग होने के कारण मामला तुरंत संदेहास्पद लगने लगा। फर्जी परीक्षार्थी पकड़े जाने के बाद कॉलेज की नोडल अधिकारी राधिका जय नारायण ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे तुरंत कोहेफिजा पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
20 हजार रुपये में देने आई थी परीक्षा
पूछताछ के दौरान सानिया ने स्वीकार किया कि वह अशोका गार्डन की रहने वाली है और अपने मौसेरे भाई गनी के कहने पर परीक्षा देने पहुंची थी। उसने बताया कि इस काम के बदले उसे 20 हजार रुपये देने की बात हुई थी। चौंकाने वाली बात यह रही कि सानिया अनु कुमारी को पहचानती भी नहीं थी, यानी पूरा खेल सिर्फ फर्जी पहचान और पैसों के आधार पर तैयार किया गया था।
गनी फरार
कोहेफिजा पुलिस ने राधिका जय नारायण की शिकायत पर सानिया अली और गनी सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और परीक्षा फर्जीवाड़े की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक गनी घटना के बाद से फरार है और उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि गनी के हाथ लगते ही इस पूरे नेटवर्क का खुलासा संभव है, क्योंकि आशंका जताई जा रही है कि यह कोई अकेला मामला नहीं बल्कि सुनियोजित गैंग की हरकत हो सकती है।
सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना के सामने आने के बाद नर्सिंग काउंसिल और कॉलेज प्रशासन की परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। अधिकारी मानते हैं कि समय रहते दस्तावेज जांच में सतर्कता बरती गई, जिससे बड़ा फर्जीवाड़ा रुक गया। पुलिस अब यह जांच भी कर रही है कि कहीं पहले भी इस तरह की घटनाएं तो नहीं हुई हैं।
