इंदौर में रणजीत हनुमान मंदिर से 12 दिसंबर को निकलने वाली प्रभातफेरी को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह चौकन्ना हो गए हैं। भीड़ और यातायात को संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष प्लान तैयार किया है। बुधवार देर रात पुलिस अधिकारियों ने पूरे रूट का निरीक्षण किया और सुरक्षा इंतजाम खंगाले। मंदिर परिसर से लेकर रूट के प्रमुख हिस्सों तक पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई।
बुधवार रात रणजीत हनुमान मंदिर में पुलिस का पूरा फोर्स मौजूद रहा। ट्रैफिक टीम, थाना स्टाफ और नगर सुरक्षा समिति के सदस्य संयुक्त रूप से मौजूद थे। अधिकारियों ने पैदल मार्च और प्वाइंट-टू-प्वाइंट चेकिंग कर यह सुनिश्चित किया कि प्रभातफेरी के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।
आपके कंधे पर जिम्मेदारी
डीसीपी आनंद कलादगी ने जवानों की ब्रीफिंग करते हुए कहा कि प्रभातफेरी में पुलिस का व्यवहार ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। उन्होंने समझाया कि ड्यूटी के दौरान सतर्क रहना, भीड़ को संयम से संभालना और किसी भी परिस्थिति में धैर्य नहीं खोना सबसे अहम है। साथ ही साफ निर्देश दिया कि ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन का बिल्कुल उपयोग न करें। बाद में एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह भी पहुंच गए और जवानों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभातफेरी में बड़ी संख्या में भक्त शामिल होंगे, इसलिए एक-एक जवान का व्यवहार बेहद मायने रखता है। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि कोई भक्त बहस करे या भावनात्मक हो तो उसे शांत तरीके से समझाओ, किसी भी स्थिति में पुलिस का रवैया कठोर नहीं होना चाहिए।
मोबाइल और इयरफोन पर ज़ीरो टॉलरेंस नीति
अमित सिंह ने ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन और इयरफोन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया। उन्होंने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि जिसे इयरफोन लगाकर पकड़ा गया, उसकी नौकरी खतरे में पड़ जाएगी। यह निर्देश इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हाल के आयोजनों में कई बार लापरवाही की शिकायतें सामने आई थीं। अधिकारी यह मानकर चल रहे हैं कि इस बार प्रभातफेरी में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। इसी वजह से ट्रैफिक रूट को पहले से मॉडिफाई किया गया है, कई वैकल्पिक रास्ते तय किए गए हैं और भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग बढ़ाई गई है। पुलिस का कहना है कि कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न कराना उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए सभी यूनिट्स को पर्याप्त रूप से तैयार कर लिया गया है।
