रीवा जिले के मनगवां विधानसभा क्षेत्र में विधायक नरेंद्र प्रजापति द्वारा प्रतिनिधियों की नई सूची जारी किए जाने के बाद स्थानीय राजनीति में अचानक हलचल तेज हो गई है। सूची जारी होने के कुछ ही घंटों से लेकर अगले दो दिनों के भीतर 5 कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने दायित्व वापस लौटा दिए। व्यक्तिगत कारणों का हवाला देने के बावजूद इसे संगठन के भीतर उथल-पुथल के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
नियुक्त किए गए कुछ कार्यकर्ताओं ने कहा कि फिलहाल परिस्थितियां और समय उनके पक्ष में नहीं हैं, इसलिए वे इस जिम्मेदारी को सही ढंग से निर्वाह नहीं कर पाएंगे। उन्होंने आभार व्यक्त करते हुए संयमित अंदाज में दायित्व वापस सौंप दिए। हालांकि एक के बाद एक त्यागपत्र आने के बाद क्षेत्र में चर्चा है कि मामला सिर्फ व्यक्तिगत कारणों का नहीं, बल्कि संगठन में बढ़ते असंतोष का भी प्रतीक हो सकता है।
इन कार्यकर्ताओं ने किया इनकार
- जगजीवन लाल तिवारी
- केसरी द्विवेदी
- रावेंद्र मिश्रा
- गुरुदत्त सिंह
- वीरेंद्र पांडेय
इन सभी ने पत्र लिखकर कहा कि वे दायित्व संभालने की स्थिति में नहीं हैं और संगठन को कोई असुविधा न हो इसलिए तुरंत जिम्मेदारी वापस कर रहे हैं।
स्थानीय कार्यकर्ताओं की राय
मनगवां क्षेत्र के कई कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि संगठन स्तर पर नियमित संवाद और समन्वय बढ़ाया जाए, तो इस तरह की स्थितियां उत्पन्न ही न हों। उनका कहना है कि स्पष्ट भूमिका और बेहतर सामंजस्य से कार्यकर्ता अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सकते हैं। क्षेत्रवासियों ने भी सड़क, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं पर तेजी से कार्य होने की उम्मीद जताई है।
इस घटनाक्रम पर विधायक कार्यालय से जुड़े सूत्रों ने इसे पार्टी का पूरी तरह आंतरिक मामला बताया है। उनका कहना है कि कार्यकर्ताओं से चर्चा की जाएगी और किसी भी गलतफहमी को दूर किया जाएगा। हालांकि, विधायक नरेंद्र प्रजापति की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
