सतना में पशुपालन एवं डेयरी विभाग मध्यप्रदेश ने घोषणा की है कि दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान 2.0 का शुभारंभ 17 दिसंबर से किया जाएगा। विभाग का कहना है कि इस अभियान का लक्ष्य जिले से लेकर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक डेयरी किसानों को बेहतर तकनीकी जानकारी और आधुनिक पशुपालन सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
अभियान का सबसे बड़ा जोर संतुलित पशु पोषण पर होगा। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कई किसान अभी भी पारंपरिक तरीके से पशुओं को खिलाते हैं, जिससे दूध उत्पादन कम हो जाता है। अभियान के दौरान टीम गांव-गांव जाकर किसानों को बताएगी कि किस मौसम में किस मात्रा में चारा, खली, दाना और मिनरल मिश्रण देना चाहिए, ताकि पशु स्वस्थ रहें और दूध उत्पादन में इजाफा हो सके।
इनपर विशेष फोकस
अभियान का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा पशुओं का नियमित टीकाकरण और कृत्रिम गर्भाधान है। विभाग के अनुसार, कई बार पशु बीमारियों के फैलने की बड़ी वजह टीकाकरण का अभाव होता है। अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान मोबाइल टीकाकरण दल बनाए जाएंगे, जो निर्धारित गांवों में शिविर लगाकर पशुओं को टीका लगाएंगे। कृत्रिम गर्भाधान को लेकर भी किसानों को जागरूक किया जाएगा, ताकि नस्ल सुधार और उत्पादन दोनों में लाभ मिल सके।
अभियान का मुख्य उद्देश्य
दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान 2.0 का नारा “स्वस्थ पशु, समृद्ध किसान” है। विभाग का मानना है कि यदि पशु स्वस्थ रहेंगे तो किसान की आय में सीधा सुधार होगा। इसी सोच के तहत विभिन्न विशेषज्ञ किसानों से सीधा संवाद करेंगे और उन्हें पशुपालन से अधिक लाभ कमाने के तरीके बताएंगे।
दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान 2.0
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— Animal Husbandry Department, MP (@mp_husbandry) December 11, 2025
गांव-गांव पहुंचने की तैयारी
अभियान को सफल बनाने के लिए विभाग ने ब्लॉक और पंचायत स्तर पर टीमों का गठन किया है। पंचायत सहायकों से लेकर पशु चिकित्सकों तक सभी को जिम्मेदारी दी गई है कि वे किसानों को समय पर जानकारी दें और शिविरों में अधिक से अधिक पशुपालक जुड़ें। अधिकारियों का कहना है कि इस बार अभियान पहले की तुलना में अधिक व्यापक होगा और कोशिश की जाएगी कि किसी भी किसान तक जानकारी अधूरी न पहुंचे।
