आज साल की अंतिम कालाष्टमी है, जो अत्यंत शुभ माना जा रहा है और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दिन किए गए विशेष उपायों से अनेक कष्टों से मुक्ति मिल सकती है। मान्यता है कि इस तिथि पर काल भैरव की पूजा करने से कालसर्प दोष, पितृदोष और ग्रहों से जुड़े शनि तथा राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव कम हो जाते हैं। कालाष्टमी पर पूजा-पाठ से मन की अशांति, भय और नकारात्मक ऊर्जा दूर होने के साथ-साथ साहस, आत्मविश्वास और मानसिक स्थिरता बढ़ती है।
साल की अंतिम कालाष्टमी 11 दिसंबर 2025 यानी आज को काल भैरव अष्टमी/ कालाष्टमी व्रत के रूप में मनाई जा रही है। इसे भगवान काल भैरव को समर्पित पवित्र दिन माना जाता है।
कालभैरव जयंती
काल भैरव जयंती को हिंदू धर्म में अत्यंत पावन और शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव के उग्र रूप काल भैरव का प्राकट्य हुआ था। इस अवसर पर भक्त विशेष पूजा, व्रत और भैरव चालीसा का पाठ करते हैं। माना जाता है कि काल भैरव की उपासना से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं, भय और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और साधक को साहस व मानसिक शांति प्राप्त होती है। कई लोग इस दिन कालसर्प दोष, पितृदोष और ग्रहों के प्रकोप से मुक्ति पाने के लिए भी विशेष उपाय करते हैं। मंदिरों में श्रृंगार, भजन-कीर्तन और रातभर जागरण का आयोजन किया जाता है, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठता है।
करें ये उपाय
- नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के लिए कई पारंपरिक उपाय बेहद प्रभावी माने जाते हैं। मान्यता है कि यदि कोई व्यक्ति भूत-प्रेत, नज़र या किसी नकारात्मक शक्ति के प्रभाव में हो, तो रात में ‘भैरव अष्टक’ का पाठ करना विशेष रूप से लाभ देता है और मानसिक शांति प्रदान करता है। घर की नकारात्मकता समाप्त करने के लिए सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है, क्योंकि इससे वातावरण शुद्ध होता है और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं।
- साल की अंतिम कालाष्टमी पर कालसर्प दोष, पितृदोष और शनि संबंधी कष्टों से राहत पाने के लिए विशेष उपायों को अत्यंत शुभ माना जा रहा है। मान्यता है कि इस दिन काल भैरव मंदिर में नींबू चढ़ाना बेहद फलदायी होता है। इसके साथ ही “ॐ ह्रीं कालभैरवाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करने से राहु-केतु और शनि के दुष्प्रभाव शांत होते हैं। श्रद्धा और विधि-विधान से किए गए ये उपाय नकारात्मक प्रभावों को दूर कर जीवन में सुख-शांति और सुरक्षा प्रदान करते हैं।
- धन-संपत्ति की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए एक पारंपरिक मान्यता के अनुसार मंगलवार और शनिवार को काले कुत्ते को रोटी खिलाना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा करने से आय में स्थिरता आती है और बार-बार होने वाले आर्थिक संकटों से राहत मिलने की मान्यता है। माना जाता है कि यह उपाय विशेष रूप से व्यापार में आ रही बाधाओं को दूर करता है और जीवन में सकारात्मकता व समृद्धि का मार्ग खोलता है।
- भय, तनाव और मानसिक अशांति से जूझ रहे लोगों के लिए भैरव यंत्र की स्थापना एक शुभ उपाय माना गया है। मान्यता है कि यदि घर की दक्षिण दिशा में भैरव यंत्र रखकर प्रतिदिन श्रद्धा से उसकी पूजा की जाए, तो मन धीरे-धीरे शांत होने लगता है। यह उपाय भय को कम करने, तनाव दूर करने और मानसिक स्थिरता बढ़ाने में सहायक माना जाता है। नियमित साधना से नींद में सुधार होता है और व्यक्ति खुद को अधिक सुरक्षित व संतुलित महसूस करता है।
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. MPNews इनकी पुष्टि नहीं करता है।
