रणजीत अष्टमी के अवसर पर मंगलवार सुबह इंदौर के रणजीत हनुमान मंदिर से निकली विशाल प्रभातफेरी ने पूरा माहौल भक्तिरस से भर दिया। तपनभरी ठंड भी श्रद्धालुओं के जोश को कम नहीं कर सकी, जो 4.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गई। स्वर्ण रथ पर विराजमान रणजीत बाबा के दर्शन के लिए हजारों की संख्या में भक्त सुबह से ही मार्ग पर जुटने लगे।
इस बार प्रभातफेरी दिनों-दिन बढ़ते दायरे के साथ लगभग 4 से 4.5 किलोमीटर लंबे मार्ग पर निकाली गई। द्रविड़ नगर से शुरू होकर महू नाका, दशहरा मैदान और अन्नपूर्णा मंदिर की ओर बढ़ती यह यात्रा भीड़ के चलते बेहद धीमी रफ्तार से आगे बढ़ी। सुबह 5 बजे शुरुआत होने के बाद 6 घंटे में मात्र 4 किलोमीटर की दूरी तय हो सकी। हालांकि, भक्तों की ऊर्जा और उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी।
कलाकारों की प्रस्तुति
यात्रा मार्ग पर जगह-जगह हनुमान जी की आकर्षक झांकियां सजाई गईं, जिनका भक्तों ने उत्साह से स्वागत किया। कलाकारों की प्रस्तुति, ढोल-मंजीरे और महाकाल मंडलियों की ताल पर हर कोई मंत्रमुग्ध नजर आया। डिजिटल झांकी में प्रस्तुत रणजीत लोक पहली बार लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लाने में सफल रही। महिलाओं के हाथों में लहराते केसरिया ध्वज यात्रा को और भी भव्य बना रहे थे। कई भक्त भजनों की ताल पर ताली बजाते, मोबाइल से वीडियो बनाते और हनुमान चालीसा का पाठ करते हुए आगे बढ़ते दिखाई दिए।
प्रभातफेरी का विस्तृत क्रम
इस वर्ष निकली प्रभातफेरी का क्रम भी खासा विस्तृत रहा। सबसे आगे पुलिस बल, प्रचार वाहन और बैनर थे। इसके बाद कड़ाबिन, सरगम बैंड, 101 पुरुष ध्वज वाहक और भजन मंडली शामिल हुईं। महाकाल मंडलियों, युवा वर्ग, झांकियों, एलईडी झांकी, महिला मंडल और विभिन्न रथों ने यात्रा को भव्यता दी। अंत में स्वर्ण रथ पर रणजीत बाबा विराजित थे और उनके पीछे पुलिस दल व सफाई टीम चल रही थी। यह लम्बा कारवां लगातार श्रद्धालुओं का ध्यान खींचता रहा।
जय रणजीत…
श्री रणजीत अष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ… pic.twitter.com/i8qgLfZo3i
— Kailash Vijayvargiya (@KailashOnline) December 12, 2025
लगाए गए 70 CCTV कैमरे
अत्यधिक भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए। पूरे मार्ग पर 70 सीसीटीवी कैमरे और 4 ड्रोन लगातार गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे। करीब 600 पुलिसकर्मी और कई वरिष्ठ अधिकारी हर बिंदु पर सुरक्षा व्यवस्था संभालते दिखे। नरेंद्र तिवारी मार्ग, महू नाका और दशहरा मैदान पर तीन एम्बुलेंस तैनात थीं, जबकि तीन फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी मुस्तैदी से मौजूद रहीं। 15 वॉच टावरों से लगातार निगरानी की जा रही थी।
