रीवा जिले की हिनौती समिति के भठवा धान खरीदी केंद्र पर बुधवार और गुरुवार की रात हालात पूरी तरह बेकाबू रहे। केंद्र के बाहर ट्रैक्टर-ट्रॉली की लाइन इतनी बढ़ गई कि एक किलोमीटर से भी आगे निकलकर बाजार तक पहुंच गई। किसान धान तौलाने के लिए एक-एक रात खुले आसमान के नीचे काट रहे हैं। ठंड तेज है, लेकिन न अलाव की व्यवस्था है, न कंबल और न ही पर्याप्त रोशनी। कई किसानों ने बताया कि वे सुबह से लाइन में लगे रहे और रात तक नंबर ही नहीं आया।
पूरे रात खड़े रहना पड़ रहा
किसानों का कहना है कि केंद्र पर सबसे ज्यादा परेशानी रात में हो रही है। अंधेरा होने के बाद वे न तो ठीक से ट्रॉली संभाल पा रहे हैं और न ही सुरक्षित महसूस करते हैं। कई किसान छोटे बच्चों और परिवार के लोगों को साथ लेकर आए थे, लेकिन ठंड और अव्यवस्था के कारण उन्हें भी रात भर बाहर ही रुकना पड़ा। किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि कलेक्टर ने पहले ही सभी केंद्रों पर बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के आदेश दिए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर किसी ने इसकी परवाह नहीं की।
बेयर हाउस का गेट बंद
किसानों की परेशानी इसलिए भी बढ़ी क्योंकि बेयर हाउस का मुख्य गेट पूरी तरह बंद रखा गया। बाहर खड़ी लंबी लाइन क्योटी-कटरा रोड से निकलकर सीधे भठवा बाजार तक जा पहुंची। इससे सड़क पर जाम जैसे हालात बन गए। राहगीरों और दुकानदारों को भी आने-जाने में बड़ी दिक्कत हुई। स्थानीय निवासी शिवानंद द्विवेदी ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर किसानों के मौसम और मेहनत का इतना बड़ा खेल है, तो फिर प्रशासन की व्यवस्था कहां है?
दलालों के सक्रिय होने का आरोप
कई किसानों ने यह भी आरोप लगाए कि केंद्र के अंदर दलालों का दबदबा है। जो किसान उनसे संपर्क करते हैं, उनकी तौलाई पहले करा दी जाती है, जबकि बाकी को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। इसी कारण गेट बंद रखा जाता है ताकि भीतर की गतिविधियों को बाहर खड़े किसानों से छिपाया जा सके। किसानों का कहना है कि ऐसी व्यवस्था उनके साथ सीधा अन्याय है।
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में शेष बचे किसानों की फार्मर रजिस्ट्री दो दिवस में अनिवार्य रूप से करा दें। सभी तहसीलदार पटवारियों को किसानों की सूची देकर ऑनलाइन ई केवायसी दर्ज कराएं। pic.twitter.com/33XdlZ08Im
— Collector Rewa (@RewaCollector) December 11, 2025
कलेक्टर ने चेताया
इधर कलेक्टर ने सभी खरीदी केंद्रों को अलाव, प्रकाश, पेयजल और बैठने की व्यवस्था तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि अगर किसी स्थान पर अव्यवस्था पाई गई या किसानों को अनावश्यक परेशान किया गया, तो संबंधित समिति प्रभारियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसानों को उम्मीद है कि प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद व्यवस्था में कुछ सुधार आएगा।
