देश के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख और सनातन धर्म के महत्वपूर्ण केंद्र श्री काशी विश्वनाथ धाम के नवनिर्मित कॉरिडोर के उद्घाटन की चौथी वर्षगांठ श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया और कई दिनों तक विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। पूजा-पाठ, रुद्राभिषेक और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। धार्मिक उल्लास और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर काशी में यह आयोजन आस्था और सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपरा को और मजबूत करता नजर आया।
देश के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख और सनातन धर्म के महान केंद्र श्री काशी विश्वनाथ धाम के बहुप्रतीक्षित नवनिर्मित कॉरिडोर के उद्घाटन की चौथी वर्षगांठ भव्यता और धार्मिक उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया और विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक, हवन तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
हुआ महा रुद्राभिषेक
नवनिर्माण के चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित अनुष्ठानों का मुख्य उद्देश्य भगवान शिव के प्रति आभार व्यक्त करना तथा श्री काशी विश्वनाथ धाम की निरंतर समृद्धि और विश्व शांति की कामना करना रहा। वर्षगांठ के मुख्य दिन प्रातःकाल मंदिर के गर्भगृह में काशी के प्रकांड पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष महा रुद्राभिषेक संपन्न हुआ, जिसके बाद बाबा विश्वनाथ का फूलों और रत्नों से भव्य व दिव्य श्रृंगार किया गया। इस अलौकिक दृश्य के दर्शन के लिए मंगला आरती के समय मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा धाम भक्तिरस में सराबोर नजर आया।
उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
नवनिर्माण के बाद श्री काशी विश्वनाथ धाम का सीधा जुड़ाव मां गंगा से स्थापित हो गया है, जिससे इसकी आध्यात्मिक भव्यता और बढ़ गई है। इस अवसर पर दशाश्वमेध घाट पर होने वाली संध्याकालीन गंगा आरती को विशेष रूप से और अधिक भव्य स्वरूप दिया गया, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। वहीं, धाम परिसर के विशाल चौराहों पर शास्त्रीय संगीत, नृत्य और भजन संध्या जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।
आज दिनांक 13 दिसंबर 2025 को श्री काशी विश्वनाथ धाम के नविनीकरण की चतुर्थ वर्षगांठ है। इस पावन अवसर पर मंदिर न्यास का प्रतिनिधित्व करते हुए श्री काशी विश्वनाथ धाम के डिप्टी कलेक्टर श्री शंभु शरण जी ने भगवान विश्वेश्वर का विधिवत पूजन-अर्चन किया। इस अवसर पर वैदिक विधि से मंत्रोच्चार… pic.twitter.com/aWrEthyshB
— Shri Kashi Vishwanath Temple Trust (@ShriVishwanath) December 13, 2025
भक्तों में प्रसाद वितरण
वर्षगांठ के पावन अवसर पर मंदिर प्रशासन की ओर से भक्तों के लिए विशेष महाप्रसाद की भव्य व्यवस्था की गई। इस महाप्रसाद में पारंपरिक मिष्ठान और ताजे फल शामिल थे, जिन्हें श्रद्धा और अनुशासन के साथ हजारों की संख्या में उपस्थित भक्तों के बीच वितरित किया गया। प्रसाद ग्रहण कर भक्तों में विशेष आनंद और आध्यात्मिक उल्लास देखने को मिला।
कॉरिडोर ने बदली यात्रा
दिसंबर 2021 में प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन किए गए श्री काशी विश्वनाथ धाम के नवनिर्मित कॉरिडोर ने काशी की तस्वीर और भक्तों के अनुभव को पूरी तरह बदल दिया है। इस कॉरिडोर के निर्माण से श्रद्धालुओं के लिए गंगा स्नान के बाद सीधे बाबा विश्वनाथ के दरबार तक पहुँचना सरल हो गया है, जिससे लंबी कतारों और भीड़भाड़ में काफी कमी आई है। पहले जहाँ मंदिर परिसर लगभग 3,000 वर्ग फीट तक सीमित था, वहीं अब इसका विस्तार करीब 5 लाख वर्ग फीट तक हो चुका है, जिससे भक्तों को शांत, सुव्यवस्थित और आध्यात्मिक वातावरण में पूजा-अर्चना करने का अवसर मिल रहा है। साथ ही, इस परियोजना के तहत प्राचीन मंदिरों और ऐतिहासिक संरचनाओं का संरक्षण करते हुए काशी की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नए स्वरूप में पुनर्जीवित किया गया है।
