ब्लाइंड विमेंस टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 में भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाने वाली MP की तीन महिला खिलाड़ियों का शनिवार को मुख्यमंत्री निवास में सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने समत्व भवन में इन खिलाड़ियों और उनके कोच से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी और इस उपलब्धि को प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश की तीनों महिला खिलाड़ियों को 25-25 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसमें 10-10 लाख रुपए नकद और 15-15 लाख रुपए फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मान उनकी मेहनत, संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन का प्रतीक है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को ट्रॉफी और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनकी आगे की पढ़ाई, प्रशिक्षण और खेल से जुड़ी जरूरतों में हर संभव सहयोग करेगी, ताकि वे भविष्य में भी देश और प्रदेश का नाम रोशन करती रहें।
कोचों को भी मिला सम्मान
खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके कोचों को भी सम्मानित किया गया। महिला टीम के कोच सोनु गोलकर, ओमप्रकाश पाल और दीपक पाहड़े को एक-एक लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता में कोचों की भूमिका बेहद अहम होती है और उनका सम्मान करना भी उतना ही जरूरी है। गौरतलब है कि भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम ने टी-20 वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल मुकाबले में नेपाल को हराकर खिताब अपने नाम किया। यह जीत भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट के इतिहास में मील का पत्थर मानी जा रही है। इस विजेता टीम में मध्यप्रदेश की तीन प्रतिभावान खिलाड़ी शामिल रहीं।
दृष्टिबाधित महिला टी-20 क्रिकेट विश्व कप 2025 की विजेता भारतीय टीम की सदस्य, प्रदेश की बेटियों सुषमा, सुनीता और दुर्गा से आज निवास पर आत्मीय भेंट की।
बेटियों ने अपने उत्कृष्ट खेल से प्रदेश के साथ ही पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए पूरी टीम इंडिया को हृदय… pic.twitter.com/hH7AMhnOHo
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) December 13, 2025
प्रदेश से निकली प्रतिभाएं
टीम में ऑलराउंडर के रूप में खेलने वाली सुनीता सराठे नर्मदापुरम से हैं, सुषमा पटेल दमोह की रहने वाली हैं, जबकि बल्लेबाज और विकेटकीपर दुर्गा येवले बैतूल जिले से आती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये खिलाड़ी साबित करती हैं कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती, बस उसे सही मंच और सहयोग मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सफलता प्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणा है। सरकार खेलों में महिलाओं और दिव्यांग खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है और आगे भी ऐसे प्रयास जारी रहेंगे।
