असम में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे को लेकर जनहित पार्टी एक बार फिर सक्रिय हो गई है। इंदौर से पार्टी कार्यकर्ताओं का दल असम रवाना होगा, जहां वे घुसपैठियों को बांग्लादेश भेजने की मांग को लेकर आंदोलन करेंगे। जनहित पार्टी इंदौर जिला अध्यक्ष स्वप्निल जोशी ने कहा कि अवैध रूप से रह रहे घुसपैठिए देश की एकता और अखंडता के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं।
स्वप्निल जोशी ने कहा कि भारत में रह रहे लाखों घुसपैठिए यहां के संसाधनों पर अतिरिक्त बोझ हैं। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि यह केवल सामाजिक या आर्थिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय भी है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
1 साल से जारी अभियान
जनहित पार्टी पिछले एक वर्ष से अधिक समय से ‘बांग्लादेशी घुसपैठिया भगाओ, देश बचाओ’ अभियान चला रही है। इस आंदोलन की शुरुआत 11 नवंबर 2024 को असम की राजधानी गुवाहाटी में धरना देकर की गई थी। इसके बाद यह मुद्दा पार्टी की प्रमुख राजनीतिक प्राथमिकता बन गया। 18 नवंबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे रणवीर सिंह भदौरिया के समाधि स्थल से मध्यप्रदेश की चार माह लंबी जनजागरण यात्रा शुरू की गई। यह यात्रा प्रदेश के विभिन्न जिलों से होते हुए पूरी हुई। इसके बाद आंदोलन झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड अंचल तक पहुंचा, जहां हर जिले में सभाएं आयोजित की गईं।
नुक्कड़ सभाएं
अभियान के दौरान 500 से अधिक नुक्कड़ सभाएं की गईं और पांच लाख से ज्यादा पत्रक वितरित किए गए। पार्टी का दावा है कि इसी व्यापक जनसंपर्क का परिणाम है कि घुसपैठ का मुद्दा अब राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है। 15 अगस्त को लाल किले से प्रधानमंत्री द्वारा इस विषय का उल्लेख भी इसी दबाव का नतीजा बताया गया। पार्टी नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग द्वारा घुसपैठियों की पहचान के लिए एसआईआर प्रक्रिया शुरू की गई है, लेकिन असम में यह प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो रही। आरोप लगाया गया कि कथित घोटालों के कारण बड़ी संख्या में लोग अपनी नागरिकता साबित करने में सफल हो गए हैं, जिससे भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
16 दिसंबर को गुवाहाटी में प्रदर्शन
विजय दिवस 16 दिसंबर 2025 को देश के अलग-अलग राज्यों से जनहित पार्टी के कार्यकर्ता असम की राजधानी गुवाहाटी पहुंचेंगे। वहां शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसी को लेकर इंदौर में कार्यकर्ताओं की बैठक हुई, जिसमें अभय जैन, डॉ. सुभाष बारोड़, श्याम सिलावट, सुनील वर्मा, प्रवीण शर्मा, मेहुल गरजे, अभय बाथम, डॉ. राजेश मीणा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
