रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में कटौती के बाद देश के प्रमुख बैंक अपनी ब्याज दरों में बदलाव कर रहे हैं। इसी क्रम में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने ग्राहकों के लिए टर्म डिपॉजिट (FD), MCLR और EBLR रेट्स में संशोधन की घोषणा की है। बैंक की नई ब्याज दरें 15 दिसंबर 2025 से लागू होंगी। इस फैसले का असर जहां एक ओर जमाकर्ताओं की बचत पर पड़ेगा, वहीं दूसरी ओर होम लोन, पर्सनल लोन और अन्य कर्ज लेने वाले ग्राहकों की EMI में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में कटौती के बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपने टर्म डिपॉजिट (FD), MCLR और EBLR दरों में संशोधन किया है। नई दरों के तहत 2 से 3 साल की अवधि वाली एफडी पर सामान्य ग्राहकों को 6.40 प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिकों को 6.90 प्रतिशत ब्याज मिलेगा।
ब्याज दरों में बदलाव
एसबीआई ने 3 करोड़ रुपये से कम की एफडी पर ब्याज दरों में बदलाव किया है, जिसमें 2 से 3 साल की अवधि वाली एफडी पर सामान्य ग्राहकों के लिए ब्याज 6.45% से घटाकर 6.40% और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 6.95% से घटाकर 6.90% कर दिया गया है। इसके साथ ही 444 दिन की अमृत वृष्टि स्पेशल एफडी पर भी ब्याज दर 6.60% से घटकर 6.45% हो गई है।
अन्य अवधियों की एफडी पर ब्याज दरें अलग-अलग तय की गई हैं, जिनमें 7 से 45 दिन पर 3.05%, 46 से 179 दिन पर 4.90%, 180 से 210 दिन पर 5.65%, 211 दिन से एक साल से कम पर 5.90%, एक से दो साल से कम पर 6.25%, तीन से पांच साल पर 6.30% और पांच से दस साल की एफडी पर 6.05% ब्याज मिलेगा।
इन्हें मिलेगा लाभ
एसबीआई ने वरिष्ठ नागरिकों को विशेष लाभ देते हुए उनकी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर ब्याज दरें सामान्य ग्राहकों की तुलना में अधिक रखी हैं। बैंक के अनुसार, 7 से 45 दिन की FD पर वरिष्ठ नागरिकों को 3.55%, 46 से 179 दिन पर 5.40%, 180 से 210 दिन पर 6.15% और 211 दिन से एक साल से कम अवधि की FD पर 6.40% ब्याज मिलेगा।
वहीं, एक साल से अधिक और दो साल से कम की FD पर 6.75% ब्याज तय किया गया है, जबकि तीन से पांच साल की FD पर 6.80% और पांच से दस साल की लंबी अवधि की FD पर 7.05% तक का आकर्षक रिटर्न मिलेगा। इन दरों से वरिष्ठ नागरिकों की बचत योजनाएं पहले से ज्यादा सुरक्षित और लाभकारी बन गई हैं।
नई दरें लागू
SBI ने अपने MCLR (मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट) में कटौती की है। बैंक ने ओवरनाइट और एक महीने के MCLR को 7.90% से घटाकर 7.85% कर दिया है, जबकि तीन महीने का MCLR 8.30% से घटाकर 8.25% किया गया है। इसके अलावा, छह महीने का MCLR 8.65% से घटकर 8.60% हो गया है, वहीं एक और दो साल की अवधि का MCLR 8.75% से घटाकर 8.70% कर दिया गया है। तीन साल के MCLR में भी 0.05% की कमी की गई है, जिसे 8.85% से घटाकर 8.80% कर दिया गया है।
लोन लेना आसान
इसके साथ ही SBI ने अपने External Benchmark Linked Rate (EBLR) में भी बड़ी राहत दी है। बैंक ने EBLR को 8.15% से घटाकर 7.90% कर दिया है। MCLR और EBLR दोनों में की गई इस कटौती का सीधा फायदा लोन ग्राहकों को मिलेगा, क्योंकि इससे होम लोन, ऑटो लोन समेत कई तरह के कर्ज अब पहले के मुकाबले सस्ते हो जाएंगे।
