दिल्ली में करीब 30 साल बाद डबल डेकर बसों की वापसी का ऐलान किया गया है, जो अब सिर्फ सार्वजनिक परिवहन नहीं बल्कि राजधानी के एक नए टूरिस्ट आकर्षण के रूप में भी सामने आएंगी। ये नई डबल डेकर बसें पूरी तरह इलेक्ट्रिक हैं और आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं, जिन्हें अशोक लेलैंड ने अपनी CSR पहल के तहत तैयार किया है। बस में 60 से अधिक यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है, इसकी ऊंचाई 4.75 मीटर रखी गई है और इसके बाहरी हिस्से पर दिल्ली के प्रमुख ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों की आकर्षक तस्वीरें उकेरी गई हैं, जो शहर की पहचान को दर्शाती हैं।
दिल्ली में करीब 30 साल बाद डबल डेकर बसों की वापसी होने जा रही है। ये नई डबल डेकर बसें पूरी तरह इलेक्ट्रिक होंगी और आधुनिक सुविधाओं से लैस रहेंगी, जिन्हें अशोक लेलैंड ने अपनी CSR पहल के तहत तैयार किया है।
दौड़ेंगी डबल डेकर बसें
दिल्ली वालों के लिए खुशखबरी ये है कि लगभग 30 साल बाद राजधानी की सड़कों पर डबल डेकर बसें फिर से चलेंगी। नई डबल डेकर बसें पूरी तरह इलेक्ट्रिक होंगी और आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी, जिन्हें अशोक लेलैंड की CSR पहल के तहत बनाया गया है। इन बसों में लगभग 60 से अधिक यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी और ये दिल्ली के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे प्रधानमंत्री संग्रहालय, भारत मंडपम, नेशनल वॉर मेमोरियल, नया संसद भवन और दिल्ली हाट तक चलेंगी। इन बसों का उद्देश्य न सिर्फ यात्रा का साधन बनाना है बल्कि राजधानी को एक टूरिस्ट आकर्षण भी देना है।
बस का सफर
डबल डेकर बसें कभी ‘सुविधा बस’ के नाम से दिल्ली की खास पहचान हुआ करती थीं। 1970 से 1989 के बीच लाल रंग की ये दो मंजिला बसें बच्चों और बड़ों दोनों के लिए रोमांच का प्रतीक थीं, जिनमें ऊपरी डेक से शहर को देखने का अनुभव खासतौर पर यादगार माना जाता था। हालांकि समय के साथ इनके रखरखाव की लागत और तकनीकी दिक्कतें बढ़ती गईं, जिसके चलते इन बसों का संचालन मुश्किल हो गया और धीरे-धीरे ये दिल्ली की सड़कों से गायब हो गईं।
पर्यटन को मिली नई रफ्तार
नई डबल डेकर बसों के शुरू होने से राजधानी दिल्ली में पर्यटन को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। ये बसें न सिर्फ आधुनिक और सुरक्षित सुविधाओं से लैस हैं, बल्कि यात्रियों को एक रोचक और आरामदायक तरीके से दिल्ली दर्शन का अनुभव भी कराएंगी। इस टूरिस्ट बस सेवा के तहत बड़ों के लिए किराया 500 रुपये जबकि 6 से 12 साल के बच्चों के लिए 300 रुपये तय किया गया है, जिससे परिवार के साथ शहर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों की सैर करना और भी आसान हो जाएगा।
