विश्व धरोहर नगरी खजुराहो आज से सिनेमा के रंग में रंग गई है। 11वें खजुराहो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (KIFF) का शुभारंभ गुरुवार को शिल्पग्राम परिसर में हो रहा है। सात दिनों तक चलने वाला यह महोत्सव 22 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें देश-विदेश की फिल्मों और सिने हस्तियों की मौजूदगी से माहौल खास बना रहेगा। इस वर्ष का फिल्म महोत्सव हिंदी सिनेमा के दो दिग्गज कलाकारों धर्मेंद्र और असरानी को समर्पित किया गया है। आयोजकों के मुताबिक, यह समर्पण उनके सिनेमा में दिए गए अतुलनीय योगदान का सम्मान है। महोत्सव के दौरान उनकी फिल्मों और अभिनय यात्रा पर विशेष सत्र भी रखे गए हैं।
अनुपम खेर और दीपशिखा की मौजूदगी
महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर अभिनेता अनुपम खेर, अभिनेत्री दीपशिखा समेत देशभर से आए 10 जूरी सदस्य शामिल हुए। पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। अतिथियों ने महोत्सव के मंच से सिनेमा की सामाजिक भूमिका और उसके भविष्य पर विचार साझा किए। खजुराहो पहुंचने के बाद अनुपम खेर शिल्पग्राम परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी आगामी फिल्म ‘तन्वी द ग्रेट’ के बारे में जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने सिनेमा के महान कलाकारों को समर्पित एक चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। यह प्रदर्शनी दर्शकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
फिल्म की स्क्रीनिंग
महोत्सव के आयोजक राजा बुंदेला ने बताया कि उद्घाटन दिवस पर अनुपम खेर की नई फिल्म ‘तन्वी द ग्रेट’ का विशेष प्रदर्शन मंच से किया जाएगा। इस दौरान अनुपम खेर स्वयं दर्शकों के बीच मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि KIFF के 11 साल के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी फिल्म को सीधे मंच से प्रदर्शित किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, पहले दिन के बाद महोत्सव की अन्य सभी फिल्मों का प्रदर्शन शिल्पग्राम स्थित 7 टपरा टॉकीज में किया जाएगा। यहां देश-विदेश की चुनिंदा फिल्मों को दर्शकों के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।
फिल्म मार्केटिंग का ज्ञान
फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर शैलेश पाठक (साई) ने बताया कि महोत्सव के साथ ही एक विशेष सत्र की शुरुआत की जा रही है। इस सत्र में बच्चों और युवाओं को फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन और मार्केटिंग की बारीकियां सिखाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि वे अब तक 7 देशों में 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय फिल्मों का वितरण कर चुके हैं। महोत्सव की शुरुआत के साथ ही खजुराहो में सिने प्रेमियों, कलाकारों और फिल्मकारों की चहल-पहल बढ़ गई है। आने वाले सात दिन शहर के लिए सिनेमा, संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिहाज से खास रहने वाले हैं।
