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सतना में दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान का दूसरा चरण आज से शुरू, 3 जनवरी तक चलेगा कार्यक्रम

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Published On: 17 December 2025

सतना जिले में पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने और दूध उत्पादन को मजबूत करने के उद्देश्य से दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान का द्वितीय चरण आज से शुरू हो गया है। यह अभियान 17 दिसंबर 2025 से 3 जनवरी 2026 तक जिलेभर में संचालित किया जाएगा। पशुपालन एवं डेयरी विभाग की इस पहल का मकसद पशुपालकों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाकर उनके सामाजिक और आर्थिक स्तर में सुधार लाना है।

अभियान को कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस के मार्गदर्शन में जिले के सभी विकासखंडों में लागू किया जा रहा है। प्रशासन का फोकस ऐसे पशुपालकों पर है, जिनके पास 5 से 9 गाय या भैंस हैं। इन्हें सीधे घर जाकर जानकारी दी जाएगी, ताकि योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचे और पशुपालक बिना किसी झिझक के सवाल पूछ सकें।

तकनीकी मार्गदर्शन

उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ. एपी सिंह ने बताया कि अभियान के तहत प्रशिक्षित सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी, मैत्री गौसेवक, पशुसखी और दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े कार्यकर्ता पशुपालकों से व्यक्तिगत संपर्क करेंगे। उन्हें नस्ल सुधार के लिए सेक्स सर्टिफाइड सीमन से कृत्रिम गर्भाधान, संतुलित पशु पोषण और नियमित पशु स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया जाएगा।

अभियान में पशुपालकों को उन्नत तकनीकों से पशुपालन करने के तरीके बताए जाएंगे। इसमें बेहतर नस्ल चयन, समय पर टीकाकरण, खुरपका-मुंहपका जैसी बीमारियों से बचाव और कम लागत में अधिक दूध उत्पादन पर विशेष जोर दिया जाएगा। विभाग का मानना है कि सही तकनीक अपनाकर पशुपालक अपनी आय को दोगुना करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

148 प्रशिक्षित कर्मी संभालेंगे मोर्चा

अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिले में पहले से तैयारी की गई है। मास्टर ट्रेनर्स द्वारा कुल 148 प्रशिक्षणार्थियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, जो अभियान के दौरान मैदान में रहकर पशुपालकों को मार्गदर्शन देंगे। ये प्रशिक्षित कर्मी गांव-गांव जाकर योजनाओं की जानकारी साझा करेंगे।

कंट्रोल रूम

अभियान के दौरान आने वाली किसी भी परेशानी के त्वरित समाधान के लिए जिले में एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। यहां से पूरे अभियान की निगरानी की जाएगी और फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों तथा पशुपालकों की समस्याओं का तुरंत निराकरण किया जाएगा। अभियान की शुरुआत से ही पशुपालकों में उत्साह देखने को मिल रहा है। विभाग को उम्मीद है कि इस संपर्क अभियान से न सिर्फ दूध उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और पशुपालकों का जीवन स्तर बेहतर होगा।

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