रीवा की श्रीजी इंफ्रास्ट्रक्चर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में सामने आए करोड़ों के वित्तीय घोटाले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कंपनी के अकाउंटेंट अतुल पाठक को कटनी से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। गिरफ्तारी के बाद घोटाले की परतें तेजी से खुलने लगी हैं।पुलिस जांच में सामने आया है कि अतुल पाठक ने वर्ष 2018 से अगस्त 2025 के बीच कंपनी के ई-बैंकिंग सिस्टम और वित्तीय दस्तावेजों में हेराफेरी की। आरोप है कि उसने योजनाबद्ध तरीके से कंपनी के खातों से रकम निकालकर अपने और परिजनों के खातों में ट्रांसफर की। इस पूरे खेल में कुल 7 करोड़ 11 लाख 70 हजार 410 रुपये की ठगी की गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने अकेले यह कारनामा नहीं किया। पुलिस के अनुसार ठगी की रकम आरोपी की पत्नी ममता पाठक, अन्य रिश्तेदारों और परिचितों के खातों में भी भेजी गई। इसी आधार पर विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने अतुल पाठक के साथ-साथ ममता पाठक, निशा पाठक, काशी प्रसाद पाठक और सागर तिवारी सहित कुल छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
खरीदी संपत्तियां
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने घोटाले की रकम से रीवा, सतना और कटनी में कई कीमती प्लॉट खरीदे। इतना ही नहीं, कटनी में उसने अपनी पत्नी के नाम पर एक मकान भी बनवाया। इन संपत्तियों का ब्योरा जुटा लिया गया है और अब इन्हें जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। जांच एजेंसियां आरोपी द्वारा अर्जित चल-अचल संपत्तियों का आकलन कर रही हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सामने आई संपत्तियों की कीमत भी करोड़ों में आंकी जा रही है। नियमानुसार कोर्ट की अनुमति के बाद इन्हें सीज किया जाएगा ताकि ठगी की रकम की भरपाई की जा सके।
कंपनी प्रबंधन ने जताया भरोसा
श्रीजी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी प्रबंधन का कहना है कि उन्होंने समय रहते अनियमितताओं की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। प्रबंधन ने उम्मीद जताई है कि कानूनी कार्रवाई से कंपनी को हुए नुकसान की भरपाई संभव हो सकेगी। फिलहाल, पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं इस घोटाले में अन्य लोग तो शामिल नहीं हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद और भी खुलासे हो सकते हैं।
