नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करने वाले करोड़ों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने NPS के नियमों में अब तक का सबसे बड़ा और अहम बदलाव करते हुए नई अधिसूचना जारी कर दी है। इस बदलाव का सबसे ज्यादा लाभ गैर-सरकारी (प्राइवेट सेक्टर) NPS सब्सक्राइबर्स को मिलेगा, क्योंकि इससे उनकी पेंशन से जुड़े विकल्प अधिक लचीले और निवेश प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान हो जाएगी। नए नियमों से निवेशकों को भविष्य में बेहतर रिटर्न, अधिक सुविधाएं और पेंशन योजना को अपनी जरूरतों के अनुसार ढालने का अवसर मिलेगा।
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से जुड़े करोड़ों निवेशकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने NPS के नियमों में अब तक का एक अहम बदलाव करते हुए नई नोटिफिकेशन जारी की है। इस बदलाव से खासतौर पर गैर-सरकारी NPS सब्सक्राइबर्स को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
नियमों में हुआ बदलाव
PFRDA ने NPS से जुड़े रिटायरमेंट और एग्जिट नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिससे गैर-सरकारी NPS निवेशकों को राहत मिली है। नए नियमों के अनुसार अब निवेशक रिटायरमेंट के समय अपने कुल NPS कॉर्पस का अधिकतम 80 प्रतिशत तक पैसा एकमुश्त (लंपसम) निकाल सकेंगे। पहले NPS से बाहर निकलते समय कम से कम 40 प्रतिशत राशि से एन्यूटी खरीदना अनिवार्य था, जिसके जरिए रिटायरमेंट के बाद नियमित पेंशन मिलती थी, लेकिन अब इस अनिवार्यता को घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है।
यह संशोधित नियम All Citizen Model और Corporate NPS दोनों श्रेणियों के सब्सक्राइबर्स पर लागू होगा, जिससे निवेशकों को अपने पैसों के इस्तेमाल में पहले से ज्यादा लचीलापन मिलेगा।
इन लोगों को मिलेगा फायदा
- NPS नियमों में हुए बदलाव का लाभ उन सब्सक्राइबर्स को मिलेगा जो 60 वर्ष की उम्र में सामान्य एग्जिट लेते हैं।
- न्यूनतम सब्सक्रिप्शन अवधि पूरी करने के बाद NPS से बाहर निकलते हैं या फिर 60 से 85 साल की उम्र के बीच एग्जिट का विकल्प चुनते हैं।
- इसका सीधा फायदा अब रिटायरमेंट के समय मिलने वाली कुल राशि का बड़ा हिस्सा निवेशक सीधे लंपसम के तौर पर अपने हाथ में ले सकेंगे,
- जिससे उन्हें अपनी जरूरतों के अनुसार पैसों के इस्तेमाल में ज्यादा आज़ादी मिलेगी।
पैसा निकालना हुआ आसान
नए NPS नियमों के तहत अब निवेशक अपने कुल कॉर्पस के आधार पर लंपसम निकासी के अलग-अलग विकल्प चुन सकते हैं। यदि कॉर्पस ₹8 लाख तक है तो पूरी रकम एक साथ निकाली जा सकती है और एन्यूटी लेना पूरी तरह वैकल्पिक रहेगा, जो अधिकतम 20% तक हो सकता है। वहीं ₹8 लाख से ₹12 लाख तक के कॉर्पस पर अधिकतम ₹6 लाख लंपसम निकालने की अनुमति होगी और शेष राशि से या तो एन्यूटी खरीदी जा सकती है या फिर 6 साल तक सिस्टमैटिक विदड्रॉल के जरिए पैसा निकाला जा सकता है। अगर कॉर्पस ₹12 लाख से ज्यादा है तो कम से कम 20% राशि से एन्यूटी खरीदना अनिवार्य होगा, जबकि बाकी 80% तक रकम लंपसम निकाली जा सकेगी।
