खंडवा शहर के पड़ावा स्थित भैरव तालाब वार्ड में गुरुवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक दो मंजिला इमारत देखते ही देखते ढह गई। कुछ ही सेकेंड में पूरी बिल्डिंग मलबे के ढेर में तब्दील हो गई। खास बात यह रही कि जिस इमारत में शहर का नामी थोक मेडिकल स्टोर संचालित होता था, वहां उस समय कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। साप्ताहिक अवकाश होने के कारण दुकान बंद थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, इमारत से सटकर एक नए कॉम्प्लेक्स का निर्माण प्रस्तावित है। इसी के लिए गहरी खुदाई की जा रही थी। खुदाई के कारण मेडिकल स्टोर की पुरानी इमारत की नींव कमजोर हो गई और आखिरकार वह भरभराकर गिर पड़ी। इमारत गिरने से पहले अचानक धूल का बड़ा गुबार उठा, जिससे आसपास के लोग सतर्क हो गए।
मजदूरों को समय रहते हटाया
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कॉम्प्लेक्स साइट पर उस समय तीन मजदूर काम कर रहे थे। धूल उड़ती देख पड़ोसियों ने शोर मचाया और मजदूरों को तुरंत वहां से हटने को कहा। करीब 15–20 मिनट बाद ही इमारत गिर गई। यदि मजदूर मौके पर रह जाते, तो जानलेवा हादसा हो सकता था।
जिस जमीन पर नया कॉम्प्लेक्स प्रस्तावित है, उसके मालिक खैराज लालवानी ने बताया कि करीब 3 हजार स्क्वायर फीट क्षेत्र में निर्माण होना है। इंजीनियरों की सलाह पर नींव की खुदाई तब तक की जा रही थी, जब तक काली मिट्टी की परत समाप्त न हो जाए। उन्होंने कहा कि यह खुदाई बेसमेंट के लिए नहीं, बल्कि मजबूत नींव के लिए थी। नगर निगम में सभी आवश्यक अनुमतियों के लिए आवेदन पहले ही किया जा चुका है।
हमेशा रहती थी भीड़
स्थानीय रहवासी दिलीप यादव ने बताया कि दो मंजिला इस भवन में सतपाल चावला का मेडिकल स्टोर संचालित होता था। आम दिनों में यहां 10 से 12 लोगों की भीड़ लगी रहती थी। गुरुवार को दुकान बंद होने से कई जिंदगियां बच गईं। मकान मालिक के परिजनों के अनुसार, इमारत की कीमत करीब एक करोड़ रुपए आंकी जा रही है। मेडिकल स्टोर में रखे स्टॉक और भवन को मिलाकर लगभग 5 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान है।
जांच शुरू
सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पास के भैरव तालाब के कारण जमीन में 6-7 फीट पर पानी निकल आता है। खुदाई वाले गड्ढे में भी पानी भर गया था, जिससे नींव कमजोर हुई। फिलहाल मलबा हटाने के निर्देश दिए गए हैं। भवन अनुमति और जिम्मेदारी को लेकर जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
