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Indore News: इंदौर में ई- रिक्शा पर लगेगा सेक्टर सिस्टम, ट्रैफिक सुधार की नई कवायद

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Published On: 19 December 2025

Indore News : इंदौर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने ई-रिक्शाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब शहर में ई-रिक्शा मनमर्जी से नहीं चल सकेंगे। ट्रैफिक विभाग ने इंदौर को 10 सेक्टरों में बांटने की तैयारी पूरी कर ली है, जो शहर के 32 थानों के अंतर्गत तय किए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत ई-रिक्शा चालक को उसी सेक्टर में वाहन चलाने की अनुमति होगी, जहां वह निवास करता है।

योजना के मुताबिक, तय सेक्टर और रूट से बाहर ई-रिक्शा चलाने पर चालानी कार्रवाई की जाएगी। ट्रैफिक पुलिस साफ कर चुकी है कि यह व्यवस्था सख्ती से लागू होगी। जिन ई-रिक्शा के दस्तावेज पूरे नहीं होंगे, उन्हें न तो यूनिक पहचान नंबर दिया जाएगा और न ही सड़कों पर चलने की अनुमति मिलेगी।

बिना पंजीकरण बढ़ा रहा परेशानी

यातायात विभाग के अनुसार, इंदौर में इस समय करीब 10,500 पंजीकृत ई-रिक्शा चल रहे हैं, जबकि बिना पंजीकरण वाले ई-रिक्शाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यही अनियंत्रित वाहन ट्रैफिक जाम, अव्यवस्था और हादसों की बड़ी वजह बन रहे हैं। इसका असर उन चालकों पर भी पड़ रहा है, जो नियमों के तहत काम कर रहे हैं।

यातायात डीसीपी आनंद कलादगी के मुताबिक, पहले शहर को छह सेक्टरों में बांटने की योजना थी, लेकिन व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए इसे बढ़ाकर 10 सेक्टर कर दिया गया है। हर सेक्टर में दो से तीन थानों का क्षेत्र शामिल रहेगा। प्रत्येक ई-रिक्शा को यूनिक नंबर दिया जाएगा और सेक्टर के अनुसार कलर कोडिंग की जाएगी, ताकि वाहन और चालक की पहचान आसानी से हो सके।

कलर कोड से चलेगा सिस्टम

नई व्यवस्था में अलग-अलग रंग के ई-रिक्शा अलग-अलग सेक्टर में चलेंगे। ई-रिक्शा पर सेक्टर नंबर, पहचान संख्या और जरूरी जानकारी अंकित होगी। इससे ट्रैफिक पुलिस को निगरानी और कार्रवाई में आसानी होगी। ऑटो रिक्शा संघ की बैठक में नए ई-रिक्शा के रूट को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नए ई-रिक्शा को ग्रामीण और बाहरी क्षेत्रों के रूट दिए जाएंगे। धार रोड, खंडवा रोड, मांगलिया, तलावली चांदा, राऊ-रंगवासा जैसे इलाके इसके तहत आएंगे। साथ ही, गलियों में पिक-अप और ड्रॉप की अनुमति देकर मुख्य सड़कों का दबाव कम करने की योजना है।

चालकों की मांग

ऑटो रिक्शा संघ के संस्थापक राजेश विड़कर ने बताया कि संगठन ने इस प्लान पर सहमति जताई है, लेकिन कुछ शर्तें रखी हैं। नशे में वाहन चलाने पर सख्त कार्रवाई, नाबालिगों पर रोक, बिना दस्तावेज वाले ई-रिक्शा पूरी तरह बंद करने और हर सेक्टर में अधिकृत स्टैंड व यात्री प्रतीक्षालय बनाने की मांग की गई है।

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