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मोहन सरकार के 2 साल, बोले कृषि मंत्री- “कर्जमाफी हमारा वादा ही नहीं था, खेती में MP अव्वल”

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Published On: 19 December 2025

MP में मोहन सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर भोपाल में कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कृषि विभाग का लेखा-जोखा पेश किया। उन्होंने कहा कि बीते दो सालों में खेती, सिंचाई, खरीदी और किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं में प्रदेश ने ठोस प्रगति की है और इसके नतीजे जमीन पर दिखाई दे रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों ने किसान कर्जमाफी योजना को लेकर सवाल किया। इस पर कृषि मंत्री ने साफ कहा कि यह योजना भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र में थी ही नहीं। उन्होंने कहा कि कर्जमाफी कांग्रेस का वादा था, जिसे उसकी सरकार पूरा नहीं कर सकी। मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि वादा पूरा न होने की वजह से ही उस समय की सरकार चली गई, यह बात सबको पता है।

खाद की किल्लत को लेकर उठ रहे सवालों पर मंत्री कंसाना ने दावा किया कि प्रदेश में खाद की कोई वास्तविक समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई एक भी किसान बता दे, जिसने खाद न मिलने की वजह से फसल न बोई हो। खाद वितरण के प्रबंधन के लिए सरकार होम डिलीवरी जैसी व्यवस्था भी शुरू कर रही है, ताकि किसानों को लाइन में न लगना पड़े।

साजिश की आशंका

खाद की दुकानों पर मारपीट और दुर्व्यवहार के वायरल वीडियो पर मंत्री ने कहा कि ऐसे वीडियो अचानक नहीं बनते। उनके मुताबिक, यह सब पूर्व नियोजित तरीके से किया जाता है, ताकि किसानों को भ्रमित किया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर भीड़ में हंगामा कर माहौल बिगाड़ते हैं। कृषि मंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश आज सोयाबीन और मक्का उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है। वहीं गेहूं, दलहन, तिलहन और मोटे अनाज में प्रदेश दूसरे नंबर पर है। यह उपलब्धि किसानों की मेहनत और सरकारी नीतियों का परिणाम है।

सिंचाई और खरीदी में बड़ा विस्तार

उन्होंने कहा कि वर्ष 2002-03 में जहां सिंचाई रकबा मात्र 7.5 लाख हेक्टेयर था, वह 2024-25 में बढ़कर 55 लाख हेक्टेयर हो गया है। सरकार का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में इसे 65 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का है। पिछले दो सालों में 48.51 लाख किसानों से 2.41 करोड़ मीट्रिक टन अनाज की खरीदी कर 81,768 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। सोयाबीन भावांतर योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और किसान सम्मान निधि के जरिए किसानों को हजारों करोड़ रुपए की सहायता दी गई है। रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना के तहत 16 जिलों में कोदो-कुटकी की खरीदी शुरू की गई है, जबकि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना में प्रदेश के 8 जिले शामिल हैं।

आने वाले वर्षों का रोडमैप

मंत्री ने बताया कि वर्ष 2026 को कृषि वर्ष घोषित किया गया है। इस दौरान किसानों की आय बढ़ाने, पराली जलाने की समस्या कम करने और तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा। ई-विकास प्रणाली के तहत उर्वरकों की होम डिलीवरी, मौसम आधारित फसल बीमा योजना, भावांतर योजना का विस्तार, नमो ड्रोन दीदी योजना और ई-मंडी के आधुनिकीकरण जैसे कदम उठाए जाएंगे।

सरकार का लक्ष्य प्राकृतिक और जलवायु-अनुकूल खेती को बढ़ावा देना, किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाना और कृषि क्षेत्र में नए रोजगार सृजित करना है। मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में खेती को आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में ठोस काम किया जाएगा।

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