राजधानी भोपाल में आज शहरी विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में उत्तरी और मध्य भारत के राज्यों के शहरी विकास मंत्री एक मंच पर जुटेंगे और शहरी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर साझा मंथन करेंगे। बैठक को शहरी विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल भी शिरकत करेंगे। दोनों नेता शहरी विकास योजनाओं की प्रगति, चुनौतियों और भविष्य की रणनीति पर अपने विचार रखेंगे। बैठक से पहले अधिकारियों ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
बैठक का आयोजन भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में किया गया है। यहां देश के विभिन्न राज्यों से आए मंत्री, राज्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी दिनभर विचार-विमर्श करेंगे। सम्मेलन केंद्र में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं।
रहेगा फोकस
बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है, ताकि शहरी विकास से जुड़ी योजनाओं को जमीन पर प्रभावी ढंग से उतारा जा सके। स्मार्ट सिटी, अमृत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और शहरी परिवहन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। इस क्षेत्रीय बैठक में मध्यप्रदेश के साथ-साथ छत्तीसगढ़, दिल्ली, राजस्थान और उत्तरप्रदेश के शहरी विकास मंत्री और राज्यमंत्री भाग लेंगे। इसके अलावा भारत सरकार और संबंधित राज्यों के शहरी विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहेंगे।
5 सत्रों में होगी चर्चा
बैठक को पाँच सत्रों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सत्र में अलग-अलग विषयों पर चर्चा होगी, जिसमें शहरी बुनियादी ढांचे का विकास, आवासीय योजनाएं, शहरी स्वच्छता, परिवहन व्यवस्था और डिजिटल समाधान जैसे मुद्दे शामिल हैं। सत्रों के जरिए राज्यों के अनुभव साझा किए जाएंगे और एक-दूसरे से सीखने पर जोर रहेगा। इस बैठक के जरिए शहरी विकास से जुड़ी नीतियों को और मजबूत करने की कोशिश की जाएगी। उम्मीद की जा रही है कि बैठक से निकलने वाले सुझावों और निर्णयों से शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और विकास कार्यों में तेजी आएगी।
